
इस्लामाबाद। पाकिस्तान से हाल के दिनों में अल्पसंख्यकों के साथ अत्याचार के कई मामले सामने आए हैं। आखिरकार पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में देश के अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अपहरण, हत्या, दुष्कर्म और जबरन धर्मांतरण की घटनाओं का मुद्दा उठ ही गया। संसद में सवाल खड़ किए गए कि आखिर कब तक अल्पसंख्यकों को ये सब झेलना होगा।
हिंदू कब तक लाशें उठाते रहेंगे?
बुधवार को पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के सांसद खील दास कोहिस्तानी ने नेशनल असेंबली के सामने ये मुद्दा रखा। उन्होंने पूछा, 'बीते चार महीनों में 25 से 30 हिंदू लड़कियां किडनैप हुईं। जो आजतक वापस नहीं आई हैं। अल्पसंख्यकों को ऐसे अत्याचार कब तक सहने होंगे? हिंदू कब तक लाशें उठाते रहेंगे? कब तक मंदिर जलाए जाते रहेंगे?'
नहीं रोकी तो पूरे सिंध में फैलेगी ये आग
सिंध की अल्पसंख्यक शाखा के प्रमुख कोहिस्तानी ने आगे कहा कि सिंध के घोटकी और उमरकोट में ही सबसे ज्यादा ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं? उन्होंने नेशनल असेंबली के माध्यम से चेताया कि अगर ये आग अभी नहीं रोकी गई तो धीरे-धीरे पूरे सिंध में फैलेगी। सिंध में ऐसे कृत्यों को अंजाम देने वाले कुछ को गिरफ्तार किया जाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि ऐसे लोगों पर काबू पाएं।
हॉस्टल में मिला था हिंदू मेडिकल छात्रा का शव
आपको बता दें कि नेशनल एसेंबली में कोहिस्तानी ने यह बयान तब दिया, जब दो दिन पहले सिंध प्रांत के लरकाना में एक हिंदू मेडिकल छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिला। विश्वविद्यालय पल्ला झाड़ते हुए इसे खुदकुशी बताने पर जोर दे रहा है, लेकिन लड़की के परिजनों का आरोप है कि उसकी हत्या की गई है।
Updated on:
19 Sept 2019 11:06 am
Published on:
19 Sept 2019 10:19 am
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