
कुलभूषण जाधव।
नई दिल्ली। भारत ने मंगलवार को पाकिस्तान को एक राजनयिक नोट भेजा, जिसमें पाक जेल में बंद 10 भारतीय कैदियों की तत्काल रिहाई और उनके पुनर्वास की जरूरी व्यवस्था करने का आग्रह किया गया था। भारत ने कुलभूषण जाधव सहित पांच भारतीय नागरिकों के लिए कांसुलर एक्सेस की मांग करते हुए एक नई मांग की है,जिसका मामला अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में लंबित है।
वापसी पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की
विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग एक नोट भेजा है,जिसमें भारत ने लंबे समय से लंबित रिहाई और सजा पूरी होने और राष्ट्रीयता की पुष्टि के बावजूद हिरासत में रखे गए भारतीय कैदियों की वापसी पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कुलभूषण जाधव का नाम कांसुलर एक्सेस के लिए लंबे समय से लंबित अनुरोधों के साथ पाकिस्तान की हिरासत में भारतीय 'नागरिक' को कैदियों की श्रेणी में शामिल किया गया है। कुलभूषण जाधव के अलावा चार अन्य लोगों के नाम मोहम्मद जावेद, अब्दुल हमीद, मुहम्मद इस्माइल, सलफिकर अली हैं।
ईरान से अपहरण कर लिया गया था
कुलभूषण जाधव को 2016 में कथित जासूसी के आरोप में एक पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी। पाकिस्तान का दावा है कि उसे बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया था,जबकि भारत का कहना है कि उसे ईरान से अपहरण कर लिया गया था। भारत ने कहा कि पाकिस्तान की जेलों में भारतीय मछुआरों और कैदियों तक कॉन्सुलर एक्सेस में देरी हो रही है। इस तरह की देरी से उनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि में देरी होती है। इस तरह कैदियों और मछुआरों की समय पर रिहाई नहीं हो पाती है।
Updated on:
03 Apr 2019 03:24 pm
Published on:
03 Apr 2019 09:51 am
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