
mastermind scientist behind North Koreas missile programme
प्योंगयांग. उत्तर कोरिया का तानाशाह और युवा शासक किम-जोंग-उन अपने परमाणु कार्यक्रम की वजह से वैश्विक शांति के लिए दहशत का पर्याय बन चुका है। इस परमाणु मिसाइल कार्यक्रम के पीछे का मास्टरमाइंड एक मध्यम आयु वर्ग के वैज्ञानिक किम जोंग सिक है। जिसे तानाशाह किम जोंग-उन ने एक उपग्रह को अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक लॉन्च करने के बाद पदोन्नत किया था। उत्तर कोरिया की परमाणु हथियारबंद इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों के पीछे तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में 20 वर्ष का अनुभव रखने वाले किम-जोंग-सिक का ही दिमाग है। तानाशाह ने किम जोंग-इल के बाद अब इस युवा वैज्ञानिक किम-जोंग-सिक को उत्तर कोरिया के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा है और उसे देश के हथियार उद्योग विभाग में शीर्ष अधिकारी बनाया गया है। जानकारी के अनुसार उनका अगला ट्रायल प्रक्षेपण सिर्फ कुछ घंटो दूर हो सकता है, दक्षिण कोरियाई खुफिया विभाग की चेतावनी के अनुसार विस्फोट के लिए एक नया आईसीबीएम तैयार किया जा रहा है।
अचानक से मिली पदोन्नति :
प्योंगयांग एलाइट के एक प्रमुख अधिकारी माइकल मैडेन के अनुसार रॉकेट वैज्ञानिक किम-जोंग-सिक इनके मिसाइल कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति माना जाता है। क्योंकि मिसाइल परीक्षणों में सबसे ज्यादा सुसंगत व्यक्ति होने के साथ ही वे उत्तर कोरिया के रक्षा उद्योग से संबंधित सभी चीजें की गहन जानकारी रखते हैं। यह वैज्ञानिक ही तानाशाह को कुछ तकनीकी समस्याओं की पहचान करने या सपनों को पूरा करने के रोडमैप तक पहुंचने में मदद करता है। जब उत्तर कोरिया ने अप्रैल 2012 में एक अंतरिक्ष लॉन्च करने की कोशिश की और यह 10 सेकंड के बाद विफल हो गया। इसके बाद शासक ने कुछ लोगों से छुटकारा पा लिया। इसके बाद वैज्ञानिक किम-जोंग-सिक ने दिसंबर 2012 में उन्हा-3 अंतरिक्ष रॉकेट के सफल प्रक्षेपण में शामिल थे। फिर लगभग साढ़े डेढ़ साल बाद उन्हें अचानक उत्तरी कोरिया के हथियार उद्योग विभाग के डिप्टी डायरेक्टर के रूप में जिम्मेदारी दी गई।
अमरीका भी मिसाइल के दायरे में :
उत्तर कोरिया में, डिप्टी डायरेक्टरों को वास्तविक निदेशकों की तुलना में अधिक शक्ति होती है, मैडैन ने बताया कि कई पांच लोग इस पद को साझा करते हैं, लेकिन किम जोंग-सिक उनमें एकमात्र तकनीकी विशेषज्ञ है। क्योंकि वह एक वैमानिकी इंजीनियर है और मिसाइल, अंतरिक्ष व रॉकेट मिशन में शामिल रहे हैं। अन्य लोगों की जिम्मेदारियां अलग हैं। जब प्योंगयांग ने जुलाई में अपनी पहली बार अंतर महाद्वीपीय आईसीबीएम का परीक्षण किया, तो अमरीका को रेंज के भीतर लाया गया। वहीं अब एक और आईसीबीएम टेस्ट के लिए पूरी तैयारी है। पिछले हफ्ते भी जापान के होक्काइडो द्वीप की ओर एक मिसाइल दागी थी। हालांकि यह रॉकेट वैज्ञानिक, जो उत्तर कोरियाई अभिजात वर्ग में पैदा नहीं हुआ था, उसे केवल मिसाइल विकास की गति को बढ़ावा देने के लिए पदोन्नत कर प्रोत्साहित किया गया है।
अपनी उपलब्धियों के कारण घिरा है उत्तर कोरिया :
वहीं अपने परमाणु कार्यक्रम के कारण उत्तर कोरिया, संयुक्त राष्ट्र की तरह अस्पष्टता से घिरा हुआ है। यह अपनी उपलब्धियों के कारण कई प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। वहीं किम जोंग-उन वास्तव में उन लोगों को बढ़ावा देने के बारे में बहुत अच्छा काम कर रहा है, जिनके पास पारंपरिक संरक्षण और राजनीतिक संबंध नहीं थे।
Published on:
06 Sept 2017 12:37 pm
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