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मलेशिया के पीएम महाथिर मोहम्मद का बड़ा फैसला, अब गिफ्ट नहीं ले सकेंगे मंत्री

मलेशिया में अब कोई भी मंत्री या अफसर महंगे-महंगे गिफ्ट नहीं ले सकेगा। सरकार ने नो-गिफ्ट नीति शुरू की है।

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Mahathir Mohamad

मलेशिया के पीएम महाथिर मोहम्मद का बड़ा फैसला, अब गिफ्ट नहीं ले सकेंगे मंत्री

कुआलालंपुरः मलेशिया के प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद ने साफ-सुथरी सरकार की अपनी प्रतिबद्धता के मद्देनजर शुक्रवार को अपने कैबिनेट मंत्रियों के लिए नो-गिफ्ट नीति शुरू की। कैबिनेट की बैठक के बाद प्रेस सम्मेलन में उन्होंने कहा, "अगर उपहार दिए भी जाते हैं तो इन्हें केवल फूल, फल या भोजन तक सीमित रखना होगा।" उन्होंने कहा कि कैबिनेट के सभी मंत्रियों के साथ-साथ उनके सचिवों को भी अपनी संपत्ति घोषित करनी होगी और ऐसी जानकारी भ्रष्टाचार-रोधी प्राधिकरण के साथ साझा की जाएगी।

'मनी पॉलिटिक्स' से आजाद कराने का तरीका
दरअसल मलेशिया की आर्थिक स्थिति इन दिनों काफी खराब है। प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद महंगे उपहार के जरिए होने वाले अनावश्यक खर्च को रोकना चाहते हैं। महाथिर अपने चुनाव अभियानों में पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते रहते थे। उन्होंने देश की 'मनी पॉलिटिक्स' से आजाद कराने और राजनीतिक चंदे को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने के लिए कानून बनाने की प्रतिबद्धता जताई हुई है।

संपत्ति घोषित करना जरुरी
देश को भ्रष्टाचार के दलदल से बाहर निकालने के लिए प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद ने कहा है कि देश के सभी मंत्रियों और नौकरशाहों को अपनी संपत्ति घोषित करनी होगी। महाथिर मोहम्मद ने कहा है कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार-रोधी प्राधिकरण के साथ मिलकर ऐसे लोगों पर नजर रखेगी जो भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री के इस फैसले से उन लोगों की मुश्किलें बढ़ेंगी जो मंहगे-महंगे गिफ्ट लेकर या फिर रिश्वत लेकर अवैध काम में लिप्त हैं।

ये भी पढ़ेंः मलेशिया : भ्रष्टाचार मामले में पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक की पत्नी से पूछताछ

पूर्व पीएम पर लगे हैं भ्रष्टाचार के आरोप
मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक पर भ्रष्टाचार के कई संगीन आरोप लगे हैं। आरोप है कि उन्होंने अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए गैरकानूनी काम किए। भ्रष्टाचार के मामले में कुछ दिन पहले नजीब की पत्नी से तीन घंटे पूछताछ भी हुई थी। भ्रष्टाचार विरोधी लहर में ही महाथिर मोहम्मद को चुनावों में सफलता मिली और वे देश के प्रधानमंत्री चुने गए।