
दुधवा टाइगर रिजर्व इलाके में कोरोना मृतक का शव गाड़ा।
नई दिल्ली। भारत-नेपाल के बीच सीमा विवाद पहले से ही जारी है। इस बीच एक और मामले ने तूल पकड़ लिया है। नेपाल (Nepal) के कोरोना मरीज को भारतीय इलाके में गाड़े जाने को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई है। यह घटना उत्तर प्रदेश के बरेली जिले की है। यहां पर नेपाल के अधिकारियों ने दुधवा टाइगर रिजर्व (Dudhwa National Park) इलाके में कोरोना वायरस (Coronavirus) से मारने वाले एक शख्स के शव को दफना दिया है। मामला सामने आते ही स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। हालांकि नेपाल शव को खोदकर निकालने पर राजी हो गया।
एक बैठक में जब भारतीय अधिकारियों ने इस पर आपत्ति जताई तो नेपाली अधिकारियों ने अपनी गलती को स्वीकार लिया। उनका कहना था कि मोहाना नदी के धारा बदलने की वजह से यह कंफ्यूजन हुआ। इसकी वजह से गलती से भारतीय इलाके में शव दफना दिया गया। रविवार को एक बैठक के बाद नेपाली अफसरों ने शव को जमीन से निकालकर किसी अन्य जगह पर दफनाने पर सहमति जताई है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नेपाली अधिकारियों ने सहमति जताते हुए कहा कि प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शव को जल्द निकाला जाएगा। उनका तर्क था कि जिस दिन शव का अंतिम संस्कार होना था, उस दिन तेज बारिश हो रही थी। मोहाना नदी की धारा भी काफी तेज थी। ऐसे में सीमा बल (एसएसबी) के जवानों को बुलाया गया। नेपाली अधिकारियों ने कहा कि ऐसा गलती से हुआ। गौरतलब है कि नेपाल लगातार देश में कोरोना मरीजों की संख्या को लेकर भारत को जिम्मेदार ठहराता रहा है। उसका कहना है कि भारत से आने लोगों की वजह ये महामारी उनके देश में पहुंची है।
दुधवा के अधिकारियों का कहना हैं कि नेपाल का कैलाली जिला सीमा से सटा हुआ है। यहां के लोग अपने इलाके में शव गाड़ते रहे हैं। उन्होंने बताया कि यहां नो मेन्स लैंड है। नो मेन्स लैंड पर दस-दस गज की दूरी के दायरे में दोनों तरफ कोई गतिविधि प्रतिबंधित है। यहां पर शव गाड़ने से कोरोना संक्रमण खतरा बढ़ सकता है। अधिकारियों का कहना है कि इस जगह पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
Updated on:
22 Jun 2020 03:21 pm
Published on:
22 Jun 2020 03:00 pm
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