
Nepal Politics: PM Oli's fate decided tomorrow! Decision will be taken in the meeting of the standing committee of the party
काठमांडू। नेपाल में सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ( Ruling communist party in nepal ) के अंदर सियासी संग्राम थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब लगातार इस्तीफे का दबाव झेल रहे प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ( Prime Minister KP Sharma Oli ) के भाग्य का फैसला शनिवार को हो सकता है। पीएम ओली पद पर रहेंगे या नहीं रहेंगे इसका निर्णय कल (शनिवार) पार्टी की स्थायी समिति ( standing Committee ) की होने वाली बैठक में हो सकता है।
सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी की स्थायी समिति की अहम बैठक शनिवार को होने जा रही है, जिसमें मुख्य रुप से पीएम ओली के इस्तीफे ( PM KP Oli Resignation ) को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा। बता दें कि पार्टी की स्थायी समिति की यह बैठक गुरुवार को होने वाली थी, लेकिन शीर्ष नेताओं में ओली के त्यागपत्र के मुद्दे पर आपसी सहमति न बन पाने के कारण इसे टाल दिया गया था।
नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के शीर्ष नेताओं के बीच मंगलवार को एक बैठक हुई थी, जिसमें ये कहा गया था कि चूंकि ओली ने हाल के दिनों में भारत विरोधी कई तरह के बयान दिए हैं, जो राजनीतिक और कूटनीतिक ( Political and diplomatic ) रूप से सही नहीं है। ऐसे में उन्हें पीएम की कुर्सी छोड़ देनी चाहिए।
खतरे में है पीएम ओली की कुर्सी!
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री केपी ओली अपने ही पार्टी के अंदर घिर गए हैं। पार्टी के कार्यकारी प्रमुख पुष्प कुमार दहल प्रचंड ( Pushpa Kamal Dahal Prachanda ) ने ओली की आलोचना करते हुए कहा कि पीएम की यह टिप्पणी उचित नहीं थी कि भारत उन्हें पद से हटाने की साजिश रच रहा है।
इससे पहले प्रचंड ने उनके नेतृत्व और मौजूदा समय में कई ऐसे फैसले को लेकर सवाल खड़े करते हुए इस्तीफे की मांग की। पार्टी के अंदर ही ओली अपने फैसलों को लेकर घिर गए। यहां तक कि विदेश मंत्री से लेकर पार्टी के अन्य सांसदों ने ही सवाल खड़े कर दिए।
68 साल के केपी ओली ने बीते रविवार को दावा किया था कि उन्हें पद से हटाने के लिए एक दूतावास राजधानी काठमांडू ( Kathmandu ) के होटलों में साजिश कर रहा है। उनका दावा था कि इसमें कई नेपाली नेता भी शामिल हैं। इसके बाद से वे सवालों के घेरे में आ गए।
बता दें कि ओली ने चीन के बहकावे में आकर भारत के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए भारत के तीन इलाकों (लिपुलेख, कालापानी और लिम्प्युधारा) को नेपाल का हिस्सा बताने वाले एक नया नक्शा से संबंधित बिल संसद से पारित किया है। जिससे भारत-नेपाल के रिश्ते ( India Nepal Relation ) में खटास आ गया है।
एकतरफा सरकार चला रहे हैं ओली: शाह
पार्टी के स्थायी समिति के एक सदस्य गणेश शाह ने बैठक से पहले पीएम ओली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि शनिवार को होने वाली बैठक में दोनों पक्ष कुछ न कुछ ऐसी व्यवस्था बनाने की कोशिश करेंगे, जिसका पार्टी और सरकार, दोनों को पालन करना होगा। शाह ने कहा कि ओली एकतरफा तरीके से सरकार चला रहे हैं और वह प्रचंड को भी काम नहीं करने दे रहे हैं।
बता दें कि इससे पहले गुरुवार को ओली ने राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ( President Vidya Devi Bhandari ) से मुलाकात की थी, जिसके बाद राष्ट्रपति ने कैबिनेट की सिफारिश पर संसद का बजट सत्र स्थगित कर दिया था।
Updated on:
03 Jul 2020 07:03 pm
Published on:
03 Jul 2020 06:47 pm
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