हालांकि नेपाल के राजदूत दीप कुमार उपाध्याय ने उन आरोपों को खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि वे अपने भारतीय समकक्ष रंजीत राय के साथ नेपाल के मधेशी इलाकों का नेपाल सरकार को बिना विश्वास में लिए दौरा किया था। इस संबंध में उन्होंने कहा कि नेपाली अधिकारियों ने तथ्यहीन, अनैतिक, गैर पेशेवर और आधारहीन तथ्यों को बिना वजह मीडिया में प्रसारित किया। उन्होंने कहा कि काठमांडू को किसी तरह का भ्रम फैलाने से पहले तथ्यों की जांच कर लेनी चाहिए। उधर, नेपाली विदेश मंत्रालय ने भारत में अपने राजदूत को वापस बुलाये जाने और भारत के साथ संबंधों पर मीडिया में उत्पन्न अफवाहों को गलत करार दिया और कहा कि नेपाली राजदूत को वापस बुलाया जाना एक सामान्य सरकारी कदम है। वहीं दूसरी और दोनों देशों के बीच अचानक आई इस तल्खी पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने बदलते घटनाचक्र पर पूरी सतर्कता के साथ निगाह रखते हुए चुप्पी साध रखी है।