
नई दिल्लीः पाकिस्तान में इन दिनों गधों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह हम नहीं पाकिस्तान सरकार खुद कह रही है। योजना और विकास मंत्री अहसान इक़बाल ने साल 2017-18 के लिए एक आकंडा पेश किया है जिसमें कहा गया है कि गधों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। प्रधानमंत्री के सलाहकार मिफ्ताह इस्माइल के साथ आर्थिक सर्वेक्षण पेश करते हुए उन्होंने कहा कि गधों की संख्या में हर साल एक लाख की बढ़ोतरी हो रही है। पशु पालन का आंकड़ा जारी करते हुए उन्होंने बताया कि साल 2017-18 में गधों की संख्या बढ़कर 53 लाख हो गई है। इससे पहले 2016-17 में ये संख्या 52 लाख थी जबकि 2015-16 के दौरान 51 लाख गधे थे।
इनकी भी संख्या बढ़ी
पाकिस्तान सरकार ने जो रिपोर्ट जारी की है उसके अनुसार भैस, भेड़, ऊंट, बकरी और घोड़ों की संख्या लगातार बढ़ रही है। साल 2015-16 में भैंसों की संख्या 366 लाख थी जबकि 2016-17 में बढ़कर यह 377 लाख पहुंच गई। साल 2017-18 के लिए जो रिपोर्ट जारी हुई है उसके अनुसार इस समय पाकिस्तान के लोगों के पास 388 लाख भैंसे हैं। इसी तरह इस समय पाकिस्तानियों के पास 305 लाख भेड़ हैं। इससे पहले 2015-16 में इसकी संख्या 298 लाख थी जबकि 2016-17 में 301 भेड़ें थी।
तेजी से बढ़ रहा है बकरी पालन का व्यवसाय
पाकिस्तान में इस समय बकरी पालन का व्यवसाय तेजी से बढ़ रहा है। योजना और विकास मंत्री अहसान इक़बाल ने जो रिपोर्ट जारी की है उसके अनुसार इस समय पाकिस्तान में 741 लाख बकरियां है। जबकि साल 2015-16 में इनकी संख्या 703 लाख थी जबकि 2016-17 में बढ़कर यह 722 लाख पहुंच गई थी। इन सबके अलावा ऊंट पालन की रिपोर्ट जारी की गई है जिसके अनुसार इस समय पाकिस्तान में कुल 11 लाख ऊंट थे। इससे पहले 2016-17 में भी इनकी संख्या 11 लाख ही थी। इसके अलावा साल 2015-16 में ऊंटों की संख्या 10 लाख थी। पाकिस्तान में घोड़ों की संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यह संख्या साल 2015-16 से अब तक 4 लाख ही है।
चीन में है गधों की सबसे ज्यादा मांग
पाकिस्तान के 80 लाख लोग पशुपालन के व्यवसाय में लगे हैं। पशु पालन से पाक के 35 फीसदी लोगों के घर का खर्च चलता है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के गधों की चीन मे सबसे ज्यादा मांग है। इसकी वजह से लोग गधों का पालन अन्य पशु के मुकाबले ज्यादा कर रहे हैं। दरअसल गधों की खाल से चीन में दवा बनाई जाती है। जो ब्लड सर्कुलेशन के काम में इस्तेमाल की जाती है।
Updated on:
27 Apr 2018 04:09 pm
Published on:
27 Apr 2018 04:11 pm
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