
इराक: मोसुल बना श्मशान, मलबे से मिले 5 हजार से ज्यादा शव
नई दिल्ली। दुनिया के सबसे खुंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के कब्जे में रहे इराक का मोसुल शहर की सड़कें आज भी किसी श्मशान की तरह विरान और भयाकन हैं। पूरा शहर मुर्दाघर बना हुआ है। शहर में ध्वस्त इमारतों के मलबे से बीते महीने 5,200 से अधिक शव बरामद किए गए हैं।
नागरिकों और आतंकियों को अलग-अलग दफनाएंगे
मोसुल नगरपालिका के लाइथ जैनी ने बताया कि बीते महीने 5,228 शव बरामद हुए जिनमें से 2,658 नगारिकों के शव हैं जबकि 2,570 इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों के। गुरुवार को शवान शहर में मलबे से छह अज्ञात लोगों के शव बरामद किए हैं। जैनी ने बताया कि हमारा मानना है कि मलबे में अभी 500 से 700 तक शव और हैं। उन्होंने कहा कि आईएस आतंकवादियों के शवों की पहचान होने के बाद इन्हें अलग कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा।
आईएस से आजादी के लिए मारे गए 23 हजार जवान
बता दें कि इस्लामिक स्टेट से उत्तरी शहर मोसुल को नियंत्रण में लेने के लिए की गई आक्रामक कार्रवाई में इराकी सुरक्षा बलों के 23,000 से ज्यादा सदस्य मारे गए। संसद की सुरक्षा व रक्षा समिति के चेयरमैन हाकिम अल जमीली ने कहा कि सुरक्षा बलों के करीब 70,000 सदस्य अक्टूबर 2016 से जुलाई 2017 के बीच हुई आक्रामक लड़ाई में घायल हुए। इस हमले के परिणामस्वरूप आईएस सदस्यों को मोसुल से निकाला गया और इससे 3 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। इसके साथ ही टनों हथियार व गोला-बारूद के खर्च के साथ बड़ी संख्या में सैन्य वाहनों को नुकसान पहुंचा।
9 दिसंबर,2017 को आईएस से मिली मुक्ति
इराकी प्रधानमंत्री हैदर अल अबादी ने 9 दिसंबर,2017 को घोषणा करते हुए कहा कि आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट के साथ देश का युद्ध समाप्त हो गया है। अल अबादी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आईएस के कब्जे में सीरिया के पास बचे हुए इराकी क्षेत्र अब पूरी तरह से इराकी सशस्त्र सेना के कब्जे में हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सेना इराकी-सीरियाई सीमा पर पूरी तरह से नियंत्रण में है और इसलिए मैं आईएस के विरुद्ध युद्ध समाप्ति की घोषणा करता हूं।
Published on:
06 Jul 2018 03:49 pm
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