29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पाकिस्तान में भारतीय डिप्लोमेट से बदस्लूकी, मंजूर नहीं की क्लब की सदस्यता

पाकिस्तान के विशिष्ट और यहां रहने वाले दूसरे देशों के राजनयिक इस क्लब की सदस्यता लेते हैं।

2 min read
Google source verification
diplomat

भारत और पाकिस्तान में संबंध सामान्य नहीं चल रहे हैं। इसके साथ ही एक और मामला सामने आया है, जिसमें पाकिस्तान के एक क्लब ने भारतीय डिप्लोमेट की सदस्यता मंजूद नहीं की। जानकारी के अनुसार- इस्लामाबाद के एक नामी क्लब ने पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया की सदस्यता को लटकाकर रखा हुआ है।

बता दें, इस्लामाबाद क्लब में पाकिस्तान के विशिष्ट और दूसरे देशों के राजनयिक सदस्यता लेते हैं। क्लब को राजनयिकों के एक साथ इकट्‌ठे होने की सुविधा रहती है। लेकिन क्लब ने लंबे समय से बिसारिया की सदस्यता को मंजूरी नहीं दी। एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि क्लब ने केवल अजय बिसारिया की सदस्यता की मंजूदी को लटकाया ही नहीं, बल्कि उसे ये निर्देश हैं कि वे सभी भारतीय राजनिकों की सदस्यता को भी रिन्यू न करे।

जानकारों के अनुसार- दोनों देशों के संबंध कैसे भी रहे हों, किसी राजनयिक के साथ ऐसा व्यवहार पहली बार सामने आया है।

गौर हो, इस्लामाबाद क्लब पाकिस्तान के विशेष क्लबों में माना जाता है। जब किसी अन्य देश की नियुक्ति इस्लामाबाद में होती, है तो वे इस क्लब की सदस्यता अवश्य लेता है। अजय बिसारिया को पिछले साल दिसंबर में इस्लामाबाद में नियुक्त किया गया था। तभी उन्होंने क्लब की सदस्यता के लिए आवेदन कर दिया था। किंतु अब तक उनकी सदस्यता को स्वीकार नहीं किया गया है। जबकि एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि क्लब को अन्य भारतीय राजनयिकों की सदस्यता को भी रिन्यू न करने के निर्देश दिए गए हैं।

जानकारों के अनुसार- आवेदन के बाद कुछ दिनों में या कुछ हफ्तों में सदस्यता मिल जाती है। इस क्लब की बिल्डिंग डिप्लोमेटिक एनक्लेव के बिलकुल पास है, जो 346 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। सभी देशों के राजनयिक इस क्लब में समय बिताना पसंद करते हैं।

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार- इसी बीच पाकिस्तान के राजनयिक ने आरोप लगाया है कि भारत ने नई दिल्ली में उनकी गतिविधियों पर अंकुश लगाया हुआ है। उन्हें दिल्ली के साथ लगते नोएडा और गुड़गांव तक घूमने की अनुमति नहीं है। जानकार सूत्रों के अनुसार- ऐसे नियम दोनों देशों ने पारस्परिक आदान-प्रदान की नीति के आधार पर बनाए हुए हैं। लेकिन इस्लामाबाद में नियुक्त भारतीय राजनयिकों और यहां रह रहे पाकिस्तान राजनयिकों में किसी तरह की तुलना नहीं की जा सकती। नई दिल्ली में रह रहे पाकिस्तानी राजनयिकों की स्थिति वहां रह रहे भारतीय राजनयिकों से हीं बेहतर है।

Story Loader