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पाकिस्तान चुनाव 2018: क्रिकेट के मैदान से सियासी बिसात तक रोचक है इमरान खान का सफर

महज 13 साल की उम्र से इमरान ने क्रिकेट खेलना शुरू किया और 20 साल बाद संन्यास लेकर अपनी सियासी पारी का आगाज किया।

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imran khan

पाकिस्तान चुनाव 2018: किक्रेट के मैदान से सियासी बिसात तक रोचक है इमरान खान का सफर

नई दिल्ली। क्रिकेट के मैदान में अपनी गेंदबाजी से दिग्गजों के विकेट गिराने वाले इमरान खान ने अब सियासी मैदान पर भी सियासतदारों को पवेलियन का रास्ता दिखा दिया है। चुनाव में शानदार जीत के साथ इमरान ने अब पाकिस्तान के कप्तान के तौर पर ताजपोशी की तैयारी कर ली है। आइए जानते हैं क्रिकेट के मैदान से राजनीति तक इमरान का सफर...


1971 में पाकिस्तान क्रिकेट टीम में डेब्यू
इमरान का जन्म पाकिस्तान के लाहौर में 5 अक्टूबर 1952 को हुआ। महज 13 साल की उम्र से इमरान ने क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था, जिसके बाद पाकिस्तान के लिए अपना डेब्यू 1971 में बर्मिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ 18 साल की उम्र में किया। 1975 में लंदन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। इमरान ने फिलोसफी, पॉलिटिकल साइंस और इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया।
करीब दो दशक तक क्रिकेट खेलने के दौरान उन्होंने 1982-1992 तक पाकिस्तानी क्रिकेट टीम की कमान संभाली और 1992 में टीम को वर्ल्डकप जिताकर साबित कर दिया कि मैदान मारना कोई उनसे सीखे। वर्ल्डकप जीतने के साथ ही इमरान क्रिकेट से संन्यास लेकर पाकिस्तान में समाज सेवा के लिए जुट गए।


मां के नाम पर बनवाया कैंसर अस्पताल
इमरान ने समाजसेवा के क्षेत्र में पहला काम अपनी मां के नाम पर कैंसर अस्पताल बनवाकर किया। इसके बाद शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने कई कॉलेज भी बनवाए। यहीं से उनके मन में सियासत में आने का जज्बा जगा, उन्होंने अपनी छवि को सामाजिक रूप से मजबूत किया।


1996 में बनाई राजनीतिक पार्टी
क्रिकेट से सन्यास लेने के बाद इमरान खान ने राजनीतिक की तरफ रुख किया। अप्रैल 1996 में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ नाम से राजनीतिक पार्टी बनाई, लेकिन पहली बार चुनाव लड़ने उतरे तो अपना विकेट ही नहीं बचा पाए और बोल्ड हो गए। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और संघर्ष करते रहे।


मॉडल और अभिनेत्रियों से जुड़ा नाम
अभिनेत्री, मॉडल सहित इमरान केकई लड़कियों के साथ अफेयर की चर्चाएं होती रही है। फिल्म अभिनेत्री जीनत अमान से लेकर पाकिस्तान की पूर्व पीएम बेनजीर भुट्टो के साथ उनका नाम को जोड़ा गया था। इमरान ने कई शादियां की है। पहली शादी 1995 में जेमाइमा गोल्डस्मिथ से की, लेकिन 9 साल बाद दोनों अलग हो गए। दूसरी शादी 2015 में ब्रिटिश-पाकिस्तानी पत्रकार रेहम खान से रचाई। दुर्भाग्य से ये भी रिश्ता लंबा नहीं चला और 10 महीने के बाद तलाक हो गया। तीसरी शादी 2018 में बुशरा मानेका से की है, जिनके साथ वो फिलहाल शादीशुदा जिंदगी जी रहे हैं।


सेना के चहीते
2013 के चुनाव में इमरान की पार्टी पाकिस्तान में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। इमरान पाकिस्तानी सेना के भी बेहद करीबी माने जाते है। कहा जा रहा है कि चुनाव में उन्हें पाक सेना का पूरा समर्थन हासिल है। यह बात तो जगजाहिर है कि पाकिस्तानी सेना के इशारे पर ही पाक का भविष्य तय होता है।


नवाज की कुर्सी छीनने में अहम रोल
पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की कुर्सी छीनने से लेकर उन्हें जेल की सजा मिलने तक के पीछे इमरान खान का बहुत बड़ा रोल रहा है। पिछले चुनाव के बाद उन्होंने भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन छेड़ा, जिसकी आंधी में नवाज शरीफ को पीएम की कुर्सी गंवानी पड़ी। बहरहाल अब इमरान खान पाकिस्तानी सत्ता की ओर रुख करते नजर आ रहे हैं।


'न्यू पाकिस्तान' का नारा
इमरान खान ने तीसरी बार चुनाव लड़ा है। इमरान ने पिछली बार के आम चुनाव में नवाज शरीफ पर धांधली का आरोप लगाया था। साल 2013 में इमरान की पार्टी ने पहली बार खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत में सरकार बनाई थी। इस बार के चुनाव में इमरान 'न्यू पाकिस्तान' बनाने के नारे के साथ चुनावी मैदान में उतरे हैं। इमरान ने पाकिस्तान की जनता को भ्रष्टाचार से निजात दिलाने का भरोसा दिलाया है।