भारत सरकार ने पिछले साल आठ मई को आईसीजे का रूख किया था और पाकिस्तानी कोर्ट द्वारा सुनाए गए सजा-ए-मौत का चुनौती दी थी। भारत ने अदालत से यह भी अपील किया था कि जबतक द हेग में यह कानूनी लड़ाई समाप्त नहीं होती, अदालत आपात उपायों को अपनाकर जाधव की फांसी की सजा को स्थगित करवाए।