5 मार्च 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पाकिस्तान की मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी का बयान, पीओके पर नहीं चाहिए किसी की सलाह

शिरीन मजारी ने कहा है कि पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दे पर किसी सलाह की जरुरत नहीं है

2 min read
Google source verification
Shireen Mazari

पाकिस्तान की मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी का बयान, पीओके पर नहीं चाहिए किसी की सलाह

इस्लामाबाद। पाकिस्तान की मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी ने कहा है कि पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दे पर किसी सलाह की जरुरत नहीं है। शुक्रवार को लॉर्ड नजीर पर निशाना साधते हुए शिरीन मजारी ने कहा कि ब्रिटिश संसद के सदस्य को अपने काम से काम रखना चाहिए और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) पर बातचीत की शर्तें तय नहीं करनी चाहिए।

पाकिस्तान: हिंदू धार्मिक स्थल 'पंज तीरथ' राष्ट्रीय विरासत घोषित, खैबर पख्तूख्वाह सरकार का फैसला

पीओके पर नहीं चाहिए कोई सलाह

लॉर्ड नजीर के वक्तव्य को अप्रासंगिक करार देते हुए मजारी ने ट्वीट किया, "अंग्रेज लॉर्ड नजीर शाद हमें यह बताना बंद कर दें कि हमें कश्मीर पर क्या कहना चाहिए या क्या नहीं कहना चाहिए। कश्मीर पर मेरे विचार दशकों से कश्मीरियों के साथ हैं।एक पाकिस्तानी के रूप में मुझे कश्मीर पर बोलने का पूरा अधिकार है। बेहतर है कि नजीर अपने काम से काम रखें और व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित करें। आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ब्रिटिश संसद के सदस्य लॉर्ड नजीर ने मानवाधिकार मंत्री को कश्मीर मुद्दे पर बात न करने की सलाह दी थी। उन्होंने यह भी कहा था कि कब्जे वाले कश्मीर के मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय तक उठाने के लिए पाकिस्तान संसद के सदस्यों को विवाद से पूरी तरह अवगत होना आवश्यक है।

पाकिस्तान में धूमधाम से मनाया जाएगा बसंत, सरकार ने हटाए प्रतिबंध

क्या है लार्ड नजीर की मांग

पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश संसद के सदस्य नजर लंबे समय से आज़ाद कश्मीर के समर्थक हैं। उका मानना हैं कि कश्मीर के जिस हिस्से में पाकिस्तान का कब्जा हैं, उसे आजादी मिल जानी चाहिए। नजीर ने कुछ दिन पहले भी कहा था कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर एक अलग राज्य है, और पाकिस्तान का संविधान और उसके कानून क्षेत्र में कोई अधिकार या अधिकार क्षेत्र नहीं रखते हैं। उन्होंने कहा था कि इस्लामाबाद में बैठे इन लोगों को सोचना चाहिए कि वे अपने कब्जे वाले कश्मीर पर अपने संविधान और कानूनों को कैसे लागू कर सकते हैं।

Read the Latest World News on Patrika.com. पढ़ें सबसे पहले World News in Hindi पत्रिका डॉट कॉम पर.