4 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पाकिस्तानी पीएम अब्बासी पहुंचे नेपाल, पड़ोसी देशों से बेहतर संबंध बनाने पर जोर

पाकिस्तान विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, अब्बासी का दौरा पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को और बेहतर बनाने के सक्रिय प्रयासों का हिस्सा है।

2 min read
Google source verification
pakistan pm abbasi

काठमांडू: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी सोमवार को अपने दो दिवसीय दौरे पर नेपाल की राजधानी पहुंचे। नेपाल के वित्त मंत्री युवराज खातीवाड़ा और विदेश सचिव शंकरदास बैरागी ने यहां त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (टीआईए) पर अब्बासी का स्वागत किया।

द्विपक्षीय मुद्दे पर होगी बातचीत

अब्बासी पाकिस्तानी सेना के विशेष विमान से यहां पहुंचे। हवाईअड्डे से वह हयात रेजेंसी होटल के लिए रवाना हुए जहां वह रहेंगे। नेपाल विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की अपने नेपाली समकक्ष और सीपीएन (यूएमएल) अध्यक्ष के.पी. शर्मा ओली से मुलाकात निर्धारित है। दोनों देशों के बीच पारस्परिक हित और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा किए जाने की संभावना है।

पीएम पुष्प कमल दहल प्रचंड से भी मिलेंगे

नेपाल सेना का एक दस्ता टुंडीखेल में पाकिस्तानी नेता को गार्ड ऑफ अॉनर भी प्रस्तुत करेगा। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के सम्मान में ओली रात्रि भोज की मेजबानी करेंगे। अब्बासी सीपीएन (माओवादी सेंटर) के प्रमुख पुष्प कमल दहल से भी मिलेंगे। वह पाकिस्तान वापस लौटने से पहले मंगलवार को राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी के आमंत्रण पर राष्ट्रपति भवन भी जाएंगे।

पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को मजबूत करना

पाकिस्तान विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, अब्बासी का दौरा पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को और बेहतर बनाने के सक्रिय प्रयासों का हिस्सा है।वह नेपाल में नई सरकार के गठन के बाद यहां का दौरा करने वाले पहले उच्चस्तरीय पदाधिकारी हैं। माना जा रहा है कि इस दौरे में दक्षेस प्रक्रिया को फिर से शुरू करने पर चर्चा हो सकती है। सितंबर 2016 में उरी के भारतीय सैन्य शिविर पर हमले के बाद से यह बाधित है।

13 मार्च को होगा राष्ट्रपति चुनाव

गौरतलब है कि नेपाल में 13 मार्च को राष्ट्रपति चुनाव है। निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली सहित राजनीतिक पार्टी के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें करने के बाद यह तारीख निर्धारित की। नए राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का चुनाव संघीय संसद के सांसदों और प्रांतीय विधानसभाओं के विधायकों द्वारा एकल संक्रमणीय पद्धति से किया जाएगा।

ये भी पढ़ें

image