19 मार्च 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लैंगिक समानता को लेकर पाकिस्तान की स्थिति सबसे बदतर, बांग्लादेश में महिलाओं के हालात बेहतर

लैंगिक समानता के मामलों में 153 देशों की सूची में पाकिस्तान का स्थान 151 वां है

less than 1 minute read
Google source verification
pakistan

पाकिस्तान में शिक्षा व्यवस्था का बुरा हाल।

इस्लामाबाद। विश्व इकोनॉनिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) द्वारा जारी वैश्विक लैंगिक समानता सूचकांक रिपोर्ट 2020 के अनुसार पाकिस्तान (Pakistan) की स्थिति सबसे बदतर है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि लैंगिक समानता के मामलों में 153 देशों की सूची में पाकिसतान का स्थान 151 वां है।

इससे ज्यादा खराब हालत केवल इराक (Iraq) और यमन (Yemen) की है। साल 2006 में लैंगिक समानता सूचकांक सूची में पाकिस्तान का स्थान 112वां था। अब देश 151 वें स्थान पर पहुंच गया है।

रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान में महिलाओं के लिए आर्थिक अवसर बहुत कम हैं। काम की जगहों पर पुरुषों और महिलाओं के बीच भारी भेदभाव है। स्वास्थ्य और जन्म प्रत्याशा के मामले में यह असमानता बहुत ही अधिक बढ़कर 94.6 फीसदी हो जाती है। इससे साफ है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाएं बेहद कम मिल रही हैं।

इस सूची में दक्षिण एशियाई देशों में बांग्लादेश (Bangladesh) का प्रदर्शन बेहतर है। इन सातों देशों में से बांग्लादेश में महिलाओं के लिए कुछ कमियों के बावजूद सबसे बेहतर हालात हैं। सूची में बांग्लादेश 50वें स्थान पर है। नेपाल (Nepal) 101वें, श्रीलंका (Srilanka) 102वें, भारत 112वें, मालदीव 123वें और भूटान 131वें स्थान पर है। इन सातों देशों में महिलाओं की संख्या कुल मिलाकर 86 करोड़ है, जिनमें से तीन चौथाई भारतीय हैं।