9 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पाक ने रक्षा मामले में उठाया बड़ा कदम, अहम फैसले से भारत को चुनौती

पाकिस्तान सरकार ने सत्र 2018-19 के लिए शुक्रवार को संसद में बजट पेश किया।

2 min read
Google source verification

image

Shweta Singh

Apr 28, 2018

Pakistan's budget for 2018-19 defence budget gets 10 percent hike

इस्लामाबाद। पाकिस्तान सरकार ने सत्र 2018-19 के लिए शुक्रवार को संसद में बजट पेश किया। जानकारी के मुताबिक इस बार का बजट 5,661 अरब रुपये का है, जिसमें पिछले वर्ष के मुकाबले रक्षा बजट में करीब दस फीसदी का इजाफा किया गया है। पिछले साल पाक का रक्षा बजट 999 अरब था, जिसे इस बार बढ़ाकर 1100 अरब कर दिया गया। बता दें कि पाक के वित्त मंत्री एम इस्माइल का ये छठा पूर्ण बजट है।

2013 के बाद पाकिस्तान का अब तक का सबसे बड़ा रक्षा बजट
बता दें कि साल 2013 में PML-N की सरकार बनने के बाद यह पाकिस्तान का अब तक का सबसे बड़ा रक्षा बजट है। बेशक पाक बढ़ाई गई इस रक्षा बजट की राशि का इस्तेमाल अपनी सेना को मजबूत बनाने में करेगा।

बजट में पिछली बार के मुकाबले 13 फीसदी की बढ़ोतरी
बजट के बारे में वित्त मंत्री इस्माइल ने बातचीत के दौरान बताया कि इस बार के बजट में पिछली बार के मुकाबले 13 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि 2018-19 में जीडीपी वृद्ध‍ि का लक्ष्य 6.2 फीसदी रखा गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में यह लक्ष्य छह फीसदी था, जिसमें से बढ़त का आकंड़ा 5.8 फीसदी तक ही पहुंच पाया। साथ ही पिछले वित्त वर्ष में करीब 3900 अरब रुपये करों के संग्रह से प्राप्त हुए। गौरतलब है कि आने वाले साल के लिए 4435 अरब रुपये के कर जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

विपक्ष ने किया पाक सरकार के इस बजट का विरोध
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब मौजूदा सरकार के कार्यकाल के महज तीन महीने बचे हैं जिस कारण संसद में विपक्ष ने पाक सरकार के इस बजट का विरोध भी किया। लेकिन वित्त मंत्री ने आलोचकों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार बजट के बिना एक दिन भी नहीं काम कर सकती। इसके साथ ही संघीय बजट की मंजूरी न होने पर प्रांतीय बजट भी पेश नहीं किए जा सकते।
गौरतलब है कि अगर इस बार के बजट की तुलना पाक के पिछले साल के घोषित बजट से की जाए तो रक्षा बजट में जो बढ़ोतरी हुई है वो करीब 20 फीसदी की है। हालांकि पिछले साल रक्षा बजट के ऐलान के कुछ समय बाद बजट में संशोधन करके उसे और बढ़ा दिया गया था।