
नई दिल्ली। अश्लील सामग्री को फैलाने के मामले में पाकिस्तान की अदालत ने एक कड़ा कदम उठाया है। अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए अश्लील सामग्री फैलाने के आरोप में एक शख्स को जेल भेज दिया है। पहली बार बच्चों से जुड़ी हुई अश्लील सामग्री (चाइल्ड पोर्नोग्राफी) को फैलाने के आरोप में एक व्यक्ति को सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने उस व्यक्ति पर 12 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
पाकिस्तानी मीडिया ने बताया कि लाहौर में एक अदालत ने सादत अमीन को स्वीडन, इटली, अमेरिका और इंग्लैंड समेत विश्व स्तर पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी फैलाने वाले गिरोह का सदस्य होने का दोषी मानते हुए गुरुवार को फैसला सुनाया। मीडिया के मुताबिक अमीन को संघीय जांच एजेंसी ने अप्रैल 2017 में पाकिस्तान के सरगोधा शहर से गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने उसके पास से बच्चों के 6,50,000 से अधिक अश्लील वीडियो और तस्वीरें बरामद की थीं।
क्या है पाकिस्तान का कानून
आपको बता दें कि पाकिस्तान में चाइल्ड पोर्नोग्राफी को लेकर 2016 में ठोस और कठोर कानून बनाया गया था। इस कानून के मुताबिक पाकिस्तान ने चाइल्ड पोर्नोग्राफी को 2016 में अपराध की श्रेणी में शामिल कर इसमें सात वर्ष की जेल और मोटा जुर्माना लगाने का फैसला किया था। पाकिस्तान ने आपराधिक कानून (संशोधित) अध्यादेश 2015 में नए संशोधन के तहत देश के अंदर बाल तस्करी को भी अपराध की श्रेणी में शामिल किया है।
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2015 में हुआ था मामले का खुलासा
गौरतलब है कि पाकिस्तान में अगस्त2015 में बाल यौन शोषण का एक मामला खुलने से हड़कंप मच गया था। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हुसैन खानवाला गांव में चाइल्ड पोर्नोग्राफी के सैकड़ों वीडियो बनने और वहां से उन्हें दुनियाभर में फैलने का खुलासा हुआ था। इस खुलासे के बाद दुनिया भर में चाइल्ड पोर्नोग्राफी को लेकर बहस छिड़ गई थी।
Published on:
27 Apr 2018 08:17 pm
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