
इस्लामाबादः आतंकवाद को लेकर दुनिया भर में घिरे पाकिस्तान ने आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने 1111खूंखार आतंकियों को फांसी की सजा दी है। इस बात की जानकारी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने खुद दी है। उन्होंने कहा कि अदालत ने तीन अन्य कैदियों को उम्रकैद की सजा भी सुनाई है। जनरल बाजवा ने बताया कि इन सभी आतंकियों ने ट्रायल कोर्ट में अपराध कबूल कर लिया था। जिसके बाद सभी को कड़ी सजा सुनाई गई। माना जा रहा है कि अमरीका के दबाव की वजह से पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने आतंकियों को इतनी कड़ी सजा दी है। पाकिस्तान सरकार पर आतंकियों पर कार्रवाई का दबाव है।
पेशावर में आतंकियों ने दी 60 लोगों की जान
बताया जा रहा है कि ये सभी आतंकी साल 2014 में पेशावर के एक स्कूल में विस्फोट किया था। जिसमें 60 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 142 लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए थे। बाजवा ने बताया कि आतंकियों के हमले में सशस्त्र बलों के 24 जवान मारे गए थे जबकि 36 आम लोगों की मौत हुई थी। मरने वालों में खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा के एक सदस्य भी शामिल थे। बाजवा ने कहा कि इन आतंकियों ने मलकंद यूनिवर्सिटी में भी हमला किया था। जिसमें कई मासूमों की जान गई थी।
फांसी की सजा पाए सभी आतंकी तालिबानी
पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने जिन 11 आतंकियों को फांसी की सजा दी है वे सभी तालिबान के सदस्य बताए जा रहे हैं। पाकिस्तानी सेना प्रमुख के इस बयान के बाद अब तालिबान आतंकियों का रुख देखना बाकी है क्योंकि तालिबान आतंकियों की स्थिति पाकिस्तान में मजबूत है और वे अक्सर पाकिस्तानी सेना को निशाना बनाकर हमले करते रहे हैं। इससे पहले भी कई जगहों पर तालिबानी आतंकी हमला कर चुके हैं।
Published on:
5 May 2018, 6:27 PM IST
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