भारत का खौफ या FATF से बचने की कवायद, पाकिस्तानी आतंकियों ने जमाया अफगानिस्तान में डेरा

भारत का खौफ या FATF से बचने की कवायद, पाकिस्तानी आतंकियों ने जमाया अफगानिस्तान में डेरा

Siddharth Priyadarshi | Updated: 08 Jul 2019, 05:19:25 PM (IST) एशिया

  • बालाकोट एयर स्ट्राइक ( Balakot Airstrike ) और FATF के डर से पाकिस्तान छोड़ भागे आतंकी
  • अफगान अधिकारियों द्वारा सादिक और अताउल्लाह नामक दो जैश आतंकियों की गिरफ्तारी से हुआ बड़ा खुलासा

लाहौर। भारत द्वारा बालाकोट में की गई एयर स्ट्राइक को 4 महीने से अधिक का वक़्त बीत चुका है, लेकिन अब इन हमलों का खौफ पाकिस्तान में साफ-साफ दिखाई दे रहा है। आतंकियों ने दहशत के मारे पाकिस्तान छोड़ दिया है। भारत की एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों ने अफगान आतंकवादी समूहों के साथ हाथ मिला लिया है और अफगानिस्तान में अपना बेस कैम्प स्थापित किया है।

एक मीडिया रिपोर्ट में इस बात का दावा किया जा रहा है कि जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के अड्डे अफगानिस्तान में चले गए हैं। इसको देखते हुए भारत ने काबुल में अपना वाणिज्य दूतावास को हाई अलर्ट पर रखा है।

भारत के हमलों का खौफ

लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ने अफगानिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों जैसे अफगान तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के साथ हाथ मिला लिया है। खुफिया संगठनों की रिपोर्ट है कि भारत द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में हवाई हमलों के बाद तमाम आंतकी संगठनों ने अपना बेस पाकिस्तान से हटाने का फैसला किया। इन आतंकी संगठनों को यह भली तरह से ज्ञात हो गया था कि भारत के हमलों से वह पाक सीमा के भीतर सुरक्षित नहीं हैं।

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एफटीएएफ से बचने की कवायद

खुफिया सूत्रों ने यह भी बताया है कि पाकिस्तानी आतंकवादी समूह अब अफगानिस्तान के कंधार और कुनार जैसे इलाकों में जमे हुए हैं। यह समझा जा रहा है कि यह कदम वित्तीय कार्रवाई टास्क फोर्स द्वारा 2019 में पाकिस्तान को काली सूची में डालने से बचने के लिए आया है।

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स आतंक के वित्त पोषण के खिलाफ एक अंतरराष्ट्रीय प्रहरी की भूमिका निभाता है। जो दुनिया भर में आतंक के वित्तपोषण पर नजर रखता है, उसने पाकिस्तान को मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों और आतंक के वित्तपोषण के खिलाफ चेतावनी दी है और आतंक के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।

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balakot airstrike

भारत ने कसा शिकंजा

भारत पाकिस्तान को आतंकी की काली सूची में डालने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है। जिससे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है।

न केवल भारत, बल्कि पाकिस्तान वैश्विक समुदाय के भी दबाव में है और इसी का असर है कि आतंकी संगठनों ने पाकिस्तान में तालिबान के प्रभुत्व वाले इलाकों को आधार बना लिया है। लेकिन जब से पाकिस्तानी आतंकवादी समूहों के अफगानिस्तान में पैर ज़माने की खबरें सामने आई हैं, भारत ने अपने वाणिज्य दूतावास को हाई अलर्ट पर रख दिया है।

नए खतरों से निपटने की चुनौती

ऐसी खबरें आई हैं कि जेईएम और लश्कर अब काबुल में भारतीय दूतावास और वहां कई अन्य भारतीय राजनयिक प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकते हैं। ताजा घटनाक्रम ने अफगान अधिकारियों को भी इस बारे में सोचने पर बाध्य किया है।

पाकिस्तानी और अफगान आतंकी संगठनों की सांठ-गांठ के बारे में नए खुलासे जेएम आतंकवादियों सादिक और अताउल्ला की अफगान सुरक्षा बलों द्वारा गिरफ्तारी के बाद हुए हैं। सूत्रों ने पुष्टि की है कि मसूद अजहर हक्कानी नेटवर्क से निमंत्रण के बाद अफगानिस्तान जा सकता है।

 

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