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इमरान खान ने कश्मीर मुद्दे पर बातचीत का बढ़ाया हाथ, लेकिन आतंक पर नहीं की कोई बात

इमरान खान ने कश्मीर मुद्दे पर भारत की तरफ बातचीत का हाथ बढ़ाया है।

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Kapil Tiwari

Jul 26, 2018

Imran Khan PTI

Imran Khan PTI

नई दिल्ली। पाकिस्तान आम चुनाव में सबसे ज्यादा सीट जीतकर अगले प्रधानमंत्री बनने जा रहे पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख इमरान खान ने कुर्सी संभालने से पहले ही भारत के खिलाफ जहर उगल दिया है। चुनाव जीतने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में इमरान खान ने सीधे तौर पर हिंदुस्तान पर करारे हमले किए हैं। भले ही अपनी स्पीच में उन्होंने भारत के साथ रिश्तों को सुलझाने की बात की है, लेकिन आतंकवाद का जिक्र तक उन्होंने अपनी स्पीच में नहीं किया।

भारतीय मीडिया ने मुझे विलेन बनाया

इमरान खान ने सबसे आखिर में अपनी स्पीच के अंदर हिंदुस्तान के साथ रिश्तों का जिक्र किया और किया तो अप्रत्यक्ष रूप से दोनों देशों के बीच मौजूदा हालातों को लेकर हिंदुस्तान को ही जिम्मेदार ठहरा दिया। इमरान खान ने सबसे पहले अपनी स्पीच में भारतीय मीडिया पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मैं भारतीय मीडिया से बेहद निराश हूं, क्योंकि भारतीय मीडिया ने पिछले कुछ समय में मुझे बॉलीवुड की फिल्मों के विलेन की तरह पेश किया है।

कश्मीर मुद्दे पर बातचीत का बढ़ाया हाथ

इमरान खान ने कहा कि मैं हिंदुस्तान में सबसे ज्यादा रहा हूं, इसलिए मैं हिंदुस्तान को अच्छी तरह से जानता हूं। भारतीयों को मैं बहुत अच्छे से समझता हूं। इमरान खान ने अपनी स्पीच में कश्मीर मुद्दे का भी जिक्र करते हुए सख्त लहजों में भारत को धमकी दी है। उन्होंने कहा है कि कश्मीर के मुद्दे को बातचीत से सुलझा लिया जाए तो ये दोनों देशों के लिए अच्छा होगा और ये दोनों मुल्कों के जरूरी भी है। इमरान खान ने अपनी स्पीच में भारत के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि बातचीत से ही कश्मीर के मुद्दे को सुलझाया जा सकता है, क्योंकि कश्मीर की आवाम ने बहुत से लंबा संघर्ष किया है।

आतंकवाद पर कुछ नहीं बोले इमरान खान

भारत के अलावा इमरान खान ने अपनी स्पीच में चीन, अफगानिस्तान, ईरान, सऊदी अरब का भी जिक्र किया और आखिर में हिंदुस्तान पर बात की। हैरानी वाली बात ये रही कि इमरान खान ने आतंकवाद का जरा भी जिक्र नहीं किया, जो उनकी 'तालिबानी' सोच को दर्शाता है, क्योंकि चुनाव से पहले ही इमरान खान को 'तालिबान खान' का नाम दे दिया गया था। इमरान खान ने भारत के साथ रिश्तों को सुधारने के लिए कश्मीर मुद्दे को सुलझाने की शर्त तो रख दी, लेकिन आतंकवाद से इमरान खान ने पल्ला झाड़ लिया, क्योंकि भारत कितनी बार उसके आतंकी देश होने के सबूत उसे सौंप चुका है, लेकिन इसपर इमरान खान का ध्यान नहीं गया।