2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

भारतीय सीमा से 1300 किलोमीटर दूर चीन बना रहा सीक्रेट एयरबेस, सैटेलाइट तस्वीरों से खुली पोल

चीन के लोप नूर में एरिया-51 नाम से मशहूर इस जगह पर एयरबेस को विकसित करने का काम शुरू किया गया है। यह एयरबेस सैन्य अंतरिक्ष गतिविधियों के लिए होगा।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Mohit Saxena

•

Updated: 3 Jul 2021, 4:53 PM IST

 secret airbase of china

secret airbase of china

नई दिल्ली। भारत में लेह एयर बेस से मात्र 1300 किलोमीटर की दूरी पर स्थित लोप नूर में चीन एक गोपनीय एयरबेस को तेजी से विकसित करने में लगा हुआ है। इसे चीन का एरिया-51 नाम दिया गया है। यहां की जानकारियों को अभी तक काफी गोपनीय रखा गया है। अमरीका की टॉप सीक्रेट जगह एरिया 51 की तरह की चीन भी अपना सीक्रेट प्रोग्राम चला रहा है।

सैटेलाइट तस्वीरों से मिली जानकारी

अमरीका की एनजीओ मीडिया ऑर्गनाइजेशन एनपीआर ने मैक्सार टेक्नोलॉजीज की सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर ये दावा किया है। इन तस्वीरों से जानकारी मिली है कि चीन इस एयरबेस को 2016 से विकसित करने में लगा हुआ था। विशेषज्ञों का कहना है कि चीन इस एयरबेस से सैन्य अंतरिक्ष गतिविधियों को बढ़ाने की योजना बना रहा है।

Read More: स्कूल से बचने के लिए बच्चे नींबू के रस, एपल सॉस से बनवा रहे फर्जी कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट

सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि चीन ने बरसों से वीरान पड़े इस एयरबेस को दोबारा से विकसित करना शुरू किया है। इस बेस की हवाई पट्टी को लंबा किया गया है। इस पर कोई बड़ा जहाज या स्पेसशिप आसानी से लैंड कराया जा सकेगा।

तेजी से एयरबेस को डेवलप कर रहा चीन

लोप नूर के इस एयरस्ट्रिप के आसपास एक दर्जन से अधिक इमरातें बनी हुई दिखाई देतीं हैं। अभी तक तक इस सीक्रेट एयरबेस पर घर और बाकी सुविधाएं नहीं पाई गईं थीं। लोप नूर चीन का पुराना परमाणु परीक्षण स्थल भी रहा है। कई विशेषज्ञों का दावा है कि वर्ष 2020 में चीन ने एक हाइली क्लासिफाइड स्पेस प्लेन को इस एयरबेस पर लैंड कराया था।

सैन्य अंतरिक्ष गतिविधियों के लिए होगा

कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस के वरिष्ठ विशेषज्ञ अंकित पांडा का कहना है कि उन्हें लगता है कि यह एयरबेस चीन की सैन्य अंतरिक्ष गतिविधियों के लिए अहम है। इसे अब चीन तेजी से बढ़ाने में लगा हुआ है। सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स हार्वर्ड और स्मिथसोनियन के एक खगोलशास्त्री जोनाथन मैकडॉवेल का कहना है कि यह एयर स्ट्रिप अंतरिक्ष में इंसानों को भेजने के लिए तैयार की जा रही है।

चीन कुछ बड़ा करने जा रहा

बीते साल सितंबर माह में चीनी अंतरिक्ष विमान की लैंडिंग के अतिरिक्त इस रनवे पर कोई खास सक्रियता नहीं दिखाई दी थी। यहां पर इमारतों को लेकर संभावना जताई जा रही है कि ये चीनी एयरफोर्स के कर्मियों के लिए अस्थायी आवास होंगे। मगर अब एयरबेस पर बढ़ती गतिविधियां देखते हुए ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि चीन यहां पर कुछ बड़ा करने जा रहा है।

Read More: जापान में भारी बारिश के बाद भूस्खलन, मिट्टी धंसने से कई घर बहे, 19 लापता

क्या है अमरीका का एरिया-51

एरिया 51 को लेकर कहा जाता है कि यहां पर अमरीकी सरकार ने एलियंस (परग्रही जीवन) को छिपाकर रखा है। मगर इसमें सच्चाई कितनी है, इसके बारे में अभी तक किसी तरह की कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। पहले अमरीकी सरकार एरिया 51 के अस्तित्व को ही नकारती थी, मगर बाद में इसको स्वीकार किया। एरिया-51 वाले इलाके में आम आदमी के जाने पर अमरीकी सरकार ने पाबंदी लगाकर रखी है।