
उत्तर कोरिया में महिलाओं का यौन उत्पीड़न आम बात, रिपोर्ट में हुआ खुलासा
अमरीका के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट वॉच ने गुरुवार को दावा किया कि उत्तर कोरियाई अधिकारियों ने बेखौफ होकर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की घटनाओं को अंजाम दिया है। पुलिस अधिकारी से लेकर जल रक्षक और मार्केट सुपरवाइजर तक ने महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया है। इन लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। रिपोर्ट में आरोप लगाया, "उत्तर कोरिया में अनचाहे यौन संबंध और हिंसा बहुत आम है और इसे यहां एक आम जिंदगी के हिस्से के रूप में स्वीकार किया जाता है।" ह्यूमन राइट वॉच के कार्यकारी निदेशक केन्नेथ रोथ ने कहा, "देश में यौन हिंसा एक अनछुआ और व्यापक रूप से बर्दाश्त किया जाने वाला खुला राज है।" उन्होंने कहा, "अगर उन्हें लगता है कि न्याय प्राप्त करने का कोई रास्ता बचा है तो उत्तर कोरिया की महिलाओं को निश्चित रूप से 'मी टू' कहना चाहिए। लेकिन किम जोंग उन की तानाशाही में उनकी आवाजें दबी रहेंगी।"
98 पन्नों की है रिपोर्ट
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह 98 पन्नों की रिपोर्ट कुल 106 उत्तर कोरियाई लोगों के साक्षात्कार पर आधारित है, जिसमें 72 महिलाएं, चार लड़कियां और 30 पुरुष शामिल हैं। ये सभी लोग उत्तर कोरिया से भाग चुके हैं। रिपोर्ट के लिए जिन यौन उत्पीड़न पीड़िताओं का साक्षात्कार लिया गया, उनमें से केवल एक ने कहा कि उसने मामला दर्ज कराने का प्रयास किया था। बाकी अन्य ने मामला नहीं दर्ज कराया, क्योंकि उन्हें पुलिस पर विश्वास नहीं है और उन्हें नहीं लगता कि पुलिस की कार्रवाई की कोई मंशा है।
Updated on:
1 Nov 2018, 6:25 PM IST
Published on:
1 Nov 2018, 6:25 PM IST
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