इस मुलाकात का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा है कि
सोनिया गाधी ने खुद उन्हें और मुशर्रफ को रिसीव किया था। उस समय वह कांग्रेस के
अन्य नेता नटवर सिंह के साथ वहां मौजूद थीं। कसूरी ने अपनी इस किताब में उन दिनों
का भी जिक्र किया है जब वह कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के छात्र हुआ करते थे। उस वक्त
उनकी दोस्ती सोहेल इफ्तिखार नाम के एक शख्स से थी, जो कांग्रेस के एक बड़े नेता
इफ्तिखारूद्दीन के बेटे थे। इफ्तिखारूद्दीन न सिर्फ महात्मा गांधी के बल्कि पंडित
नेहरू के भी बेहद करीबी और घनिष्ट मित्रों में से एक हुआ करते थे।