
कोलंबो। श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने 15 मंत्रियों के साथ एक अंतरिम सरकार का गठन कर दिया। ये संसदीय चुनाव होने तक काम करेगी। राष्ट्रपति गोटबाया ने अपने बड़े भाई और प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे सहित 15 मंत्रियों को शुक्रवार सुबह शपथ दिलाई। महिंदा राजपक्षे को पूर्व पीएम रानिल विक्रमसिंघे द्वारा इस्तीफा सौंपे जाने के बाद इस पद के लिए नामित किया गया था।
मार्च में भंग होगी कार्यवाहक सरकार
जानकारी के मुताबिक, कार्यवाहक सरकार का कार्यकाल अगस्त 2020 तक रह सकता है। हालांकि, इससे पहले ही इसे मार्च में भंग कर अप्रैल में संसदीय चुनाव कराए जाएंगे। मंत्रिमंडल के गठन के बाद राष्ट्रपति राजपक्षे ने कहा, 'मजबूत सरकार के लिए जनादेश प्राप्त करने हेतु हम संविधान के मुताबिक जल्द चुनाव कराएंगे।'
गोटाबाया की नई मंत्रियों से अपील
गोटाबाया ने नए मंत्रियों से अनुरोध किया है कि वे नई नियुक्तियां राजनीतिक लाभ से इतर योग्यता और उपयुक्ता के आधार पर करें। उन्होंने कहा कि मंत्रालयों के पदों के लिए अध्यक्षों और निदेशक मंडलों सहित वरिष्ठ पदों पर नियुक्ति के समय योग्यता और उपयुक्ता पर विचार करें और सभी निचले पद गरीबी से जूझ रहे परिवारों से भरे जाने चाहिए। इससे पहले अपनी पसंद के प्रतिनिधियों व नई कार्यवाहक सरकार की नियुक्त को लेकर नए राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के रास्ते को साफ करते हुए श्रीलंकाई प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफे दे दिया था।
Updated on:
22 Nov 2019 02:27 pm
Published on:
22 Nov 2019 02:26 pm
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