
थाईलैंड: गुफा में फंसे फुटबाल टीम के तीन बच्चों और कोच को मिली नागरिकता
बैंकाक। पिछले महीने उत्तरी थाईलैंड में थम लुआंग गुफा से बचाए गए फुटबॉल टीम के तीन लड़कों और उनके 25 वर्षीय कोच को बुधवार को थाईलैंड की नागरिकता दी गई । थाईलैंड में पैदा होने के बावजूद ये लड़के स्टेटलेस थे और नागरिकता न होने से उन्हें कुछ बुनियादी लाभ और अधिकारों से वंचित कर दिया गया था, जिसमें उत्तरी प्रांत बाहर यात्रा करने के शर्त भी शामिल थी।
नागरिकता का मरहम
बता दें कि पिछले महीने फुटबाल टीम के 13 बच्चे अपने कोच के साथ एक गुफा में फंस गए थे। वो गुफा की दीवारों से टपकने वाले पीने के पानी से अपने जान बचा रहे थे। माई साई जिला प्रमुख सोमेशक खानखम ने बुधवार को एक स्थानीय कार्यालय में एक समारोह में उन्हें राष्ट्रीय आईडी कार्ड सौंपे। उन्होंने इस मौके पर कहा," आज आप सभी को थाई नागरिकता मिलती है।" बताया जा रहा है कि माई साई में नागरिकता के लिए इन लड़कों ने गुफा की घटना से पहले इसके लिए आवेदन किया था। गुफा से रेस्क्यू किये जाने के बाद सभी को स्थिति में बदलाव बाद आवश्यक दस्तावेज सौंपे जाने को कहा गया था।
वाइल्ड बोर्स टीम के मुख्य कोच नोपपरत कंथवोंग ने कहा कि उन्हें आधिकारिक थाई आईडी कार्ड मिला है। उन्होंने कहा, "यदि मेरे पास थाई नागरिकता है, तो भविष्य में फुटबॉल नहीं खलने के बाद मैं सार्वजनिक अधिकारी बनने के लिए परीक्षा दे सकता हूँ। अपने अध्ययन के क्षेत्र से संबंधित काम ढूंढ सकता हूँ ।"
नागरिकता से वंचित लोग
अब भी थाईलैंड में पैदा हुए बहुत से लोग हैं लेकिन अभी तक नागरिकता प्राप्त नहीं हुई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक थाईलैंड में पंजीकृत 488,105 लोग स्टेटलेस हैं। थाईलैंड के कानून के मुताबिक स्टेटलेस लोग मतदान करने, जमीन खरीदने, कानूनी रोजगार की तलाश करने, कुछ व्यवसायों में काम करने या स्वतंत्र रूप से यात्रा करने में असमर्थ हैं।
Published on:
09 Aug 2018 10:58 am
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