
नई दिल्ली।
अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज होने के करीब डेढ़ महीने बाद तालिबान ने अपने पिछले शासन में क्रूरता को अमल में लाना शुरू कर दिया है। शरिया कानून के नाम पर तमाम पाबंदियां और अब क्रूर हत्याएं तथा धार्मिक स्थलों पर तोड़फोड़ की जाने लगी है। इसी क्रम में गत मंगलवार को तालिबान सरकार के अधिकारी काबुल में गुरुद्वारा करता परवन में घुस गए और सिख समुदाय के लोगों को हिरासत में ले लिया।
बताया जा रहा है कि तालिबान सरकार के अधिकारी गुरुद्वारा में हथियारों के साथ गए है। खबर यह भी आ रही है कि पवित्र गुरुद्वारे में तोड़फोड़ की गई है और कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा, गुरुद्वारा में लगे सीसीटीवी हटा दिए गए हैं।
इससे पहले, मंगलवार शाम को इंडियन वर्ल्ड फोरम के अध्यक्ष पुनीत सिंह चंडोक ने इस बात की पुष्टि की कि तालिबान के अधिकारी गुरुद्वारा करते परवन में दाखिल हुए हैं। उन्होंने कहा, मुझे काबुल से चौंकाने वाली रिपोर्ट मिली है। हथियारों से लैस तालिबान सरकार के अधिकारियों का एक समूह काबुल में गुरुद्वारा करता परवन में घुस गया। चंडोक के अनुसार, तालिबान सरकार के अधिकारियों ने सिख समुदाय के कई लोगों को हिरासत में लिया है।
उन्होंने बताया कि गुरुद्वारे में मौजूद सिख समुदाय को हिरासत में ले लिया गया है। वहीं, दावा यह भी किया जा रहा है कि अधिकारियों ने गुरुद्वारे के सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया है और वहां अब भी तोड़फोड़ जारी है।
बता दें कि गुरुद्वारा करता परवन में गुरुनानक देव जी आए थे। वहीं मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि अब इस गुरुद्वारा में किसी को अंदर जाने या वहां से बाहर निकलने की इजाजत नहीं दी जा रही है। इससे पहले, तालिबान ने निशान साहिब को अफगानिस्तान के पूर्वी पख्तिया प्रांत के गुरुद्वारा थाला साहिब से हटाया था। गुरुद्वारा पख्तिया के चमकनी इलाके में स्थित है। यहां पर भी एक बार गुरु नानक देव जी पहुंचे थे।
तालिबान ने अफगानिस्तान की सत्ता संभालते वक्त दावा किया था कि अब वह पूरी तरह बदल गया है। इस बार उसकी सरकार किसी पर जुर्म नहीं करेगी और सभी के अधिकारों की रक्षा करेगी। मगर अब तक हुआ इसका ठीक उल्टा है। तालिबानियों की करतूतें खुद उनकी क्रूरता बयां कर रही हैं।
Published on:
06 Oct 2021 09:34 am
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