30 अगस्त को करीब 300 तालिबान लड़ाके दहानी कुल गांव के पास एक काफिले में पहुंचे, जहां सुरक्षा बल के सदस्य रह रहे थे, जिनमें से कुछ परिवार के सदस्यों के साथ थे। सुरक्षा बलों ने अपने परिवारों के साथ क्षेत्र छोड़ने का प्रयास किया, तालिबान लड़ाकों ने उन्हें पकड़ लिया और भीड़ पर गोलियां चला दीं, जिसमें मासूमा नाम की एक 17 वर्षीय लड़की की भी मौत हो गई।