
अमरीका ने भारतीय मूल की उजरा जेया को तिब्बती मुद्दों के लिए अमरीका की विशेष समन्वयक की जिम्मेदारी सौंपी है। खास बात यह है कि बिडेन प्रशासन ने राजनयिक उजरा जेया को तिब्बत पर एक समझौते के लिए चीन और दलाई लामा या उनके प्रतिनिधियों के बीच ठोस बातचीत को आगे बढ़ाने का काम सौंपा है। वहीं, तिब्बत के आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने उजरा जेया को पत्र लिखकर उन्हें तिब्बती मुद्दों के लिए अमरीका की स्पेशल को-ऑर्डिनेटर (विशेष समन्वयक) नियुक्त किए जाने पर बधाई दी है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि वह तिब्बती लोगों की स्थिति में सुधार लाने में महत्वपूर्ण योगदान देने में सक्षम होंगी।
दलाई लामा ने अपने पत्र में अमरीकी समर्थन पर आभार व्यक्त करते हुए कहा, एक निरंतर और लगातार अमरीकी समर्थन स्वतंत्रता और सम्मान के लिए हमारे शांतिपूर्ण संघर्ष में तिब्बतियों के लिए महान प्रोत्साहन का स्रोत रहा है। हालांकि, मैंने एक निर्वाचित तिब्बती नेतृत्व को राजनीतिक अधिकार सौंप दिया है। फिर भी मैं तिब्बती पहचान, हमारी विशिष्ट संस्कृति और विरासत के अस्तित्व और तिब्बत के नाजुक प्राकृतिक पर्यावरण की सुरक्षा के बारे में चिंतित हूं। मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि आपने अपनी पहली टिप्पणी में उल्लेख किया था कि ये आपकी प्राथमिकताएं होंगी।
उन्होंने कहा, जैसा कि आप जानते हैं, तिब्बती लोगों के शांतिपूर्ण संघर्ष में व्यापक अंतर्राष्ट्रीय हित और समर्थन रहा है, जिनकी अहिंसा और करुणा की समृद्ध संस्कृति में दुनिया में योगदान करने की इतनी क्षमता है। मुझे विश्वास है कि लंबे समय की अवधि में सत्य की शक्ति ही प्रबल होगी। तिब्बती आध्यात्मिक गुरु ने कहा, मैं आपसे मिलने और उन मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए उत्सुक हूं, जो आपके समर्थन और पहल से लाभान्वित हो सकते हैं। मुझे यकीन है कि आप हमारे निर्वाचित तिब्बती नेतृत्व के साथ संपर्क में रहेंगी।
उन्होंने कहा कि वह ये देखकर प्रोत्साहित हैं कि तिब्बती मुद्दों के समन्वय के अलावा, लोकतंत्र की चिंता भी जेया के पोर्टफोलियो का हिस्सा है और अमरीका ने हाल ही में एक लोकतंत्र शिखर सम्मेलन आयोजित किया है। उन्होंने अपनी तमाम बातों का निष्कर्ष निकालते हुए कहा, मेरा विश्वास है कि संयुक्त राज्य अमरीका लोकतंत्र, स्वतंत्रता और मानवाधिकारों के मूलभूत मूल्यों के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने में नेतृत्व की भूमिका निभा सकता है।
बता दें कि जो बिडेन प्रशासन ने अवर सचिव उजरा जेया को तिब्बती मुद्दों के लिए अमरीका की विशेष समन्वयक की जिम्मेदारी सौंपी है। खास बात यह है कि बिडेन प्रशासन ने भारतीय मूल की राजनयिक उजरा जेया को तिब्बत पर एक समझौते के लिए चीन और दलाई लामा या उनके प्रतिनिधियों के बीच ठोस बातचीत को आगे बढ़ाने का काम सौंपा है। वह नागरिक सुरक्षा, लोकतंत्र और मानवाधिकारों की अवर सचिव होने के साथ ही अब इस जिम्मेदारी को भी संभालेंगी।
चीन पर तिब्बत में सांस्कृतिक तथा धार्मिक आजादी को दबाने का आरोप है। हालांकि, चीन इन आरोपों से इनकार करता है। चीन और दलाई लामा के प्रतिनिधियों के बीच तिब्बत मुद्दे पर हाल के वर्षों में बातचीत नहीं हुई है। दूसरी ओर, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 2013 में पदभार संभालने के बाद से तिब्बत पर सुरक्षा नियंत्रण बढ़ाने के लिए एक सख्त नीति अपनाई है।
अमरीकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन के अनुसार, मैंने नागरिक सुरक्षा, लोकतंत्र और मानवाधिकार के लिए अवर सचिव उजरा जेया को तिब्बती मुद्दों के लिए संयुक्त राज्य अमरीका की विशेष समन्वयक के रूप में एक साथ सेवा करने के लिए नामित किया है। यह एक महत्वपूर्ण भूमिका है, जो वह तुरंत प्रभावी होगी। उन्होंने कहा, वह नागरिक सुरक्षा, लोकतंत्र और मानवाधिकारों के लिए अवर सचिव के रूप में भी काम करना जारी रखेंगी, जिसके लिए उन्हें 14 जुलाई, 2021 को शपथ दिलाई गई थी।
ब्लिंकेन ने एक बयान में कहा कि जेया तिब्बती मुद्दों से संबंधित अमेरिकी सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों और परियोजनाओं का समन्वय करेगी, जो तिब्बती नीति अधिनियम 2002 के अनुरूप है, जैसा कि 2020 के तिब्बती नीति और समर्थन अधिनियम द्वारा संशोधित किया गया है।
Published on:
23 Dec 2021 07:35 pm
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