
नई दिल्ली।
हाल ही में जारी एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) अपनी पालिसी की अंतरराष्ट्रीय आलोचनाओं से ध्यान भटकाने और मानवाधिकारों जैसी अवधारणाओं को एक बार फिर परिभाषित करने के प्रयास के तौर पर ऑनलाइन दुष्प्रचार अभियान चला रही है। यह सूचना क्षेत्र में रणनीतिक अवसरों का लाभ उठाने के लिए किया जा रहा है। यह बातें ऑस्ट्रेलियाई रणनीति नीति संस्थान ने अपनी एक रिपोर्ट में कही हैं। यह रिपोर्ट दो चीनी स्टेट से जुड़े नेटवर्क का विश्लेषण करती है जो ट्विटर और यूट्यूब सहित सभी प्लेटफॉर्मो पर झिंजियांग के बारे में धारणाओं को प्रभावित कर रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि प्लेटफॉर्म पर अकाउंट्स का निर्माण जारी रहेगा, क्योंकि अन्य अकाउंट्स सस्पेंड कर दिए गए हैं।
इस रिपोर्ट में बताया गया है कि उन प्रयासों में पश्चिमी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करना शामिल है, जिसमें मीडिया रिपोर्ट, अनुसंधान और शिनजियांग के बारे में उइगर की गवाही के साथ-साथ वैकल्पिक नैरेटिव को बढ़ावा देना शामिल है। इस गतिविधि ने चीनी-भाषी डायस्पोरा के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों को लक्षित किया, विभिन्न भाषाओं में सामग्री साझा की।
दोनों नेटवर्क ने अन्य विषयों के साथ-साथ झिंजियांग के बारे में अंतर्राष्ट्रीय धारणाओं को आकार देने का प्रयास किया। इसके विपरीत सबूतों के बावजूद, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) इस क्षेत्र में मानवाधिकारों का हनन करने से इनकार करती है।
रिपोर्ट के अनुसार, उइगर आबादी के खिलाफ मानवाधिकारों के उल्लंघन के सबूतों का खंडन करने के उद्देश्य से विभिन्न प्रकार की तस्वीर और वीडियो सामग्री साझा करने वाले अप्रामाणिक और संभावित स्वचालित अकाउंट हैं। इसी तरह, नकली उइगर अकाउंट्स और अन्य शेल खातों का उपयोग करके सामग्री साझा की गई थी, जो उइगरों के उन वीडियो का प्रचार कर रहे थे, जो चीन में उनके खुशहाल जीवन के बारे में बात करते हैं।
चीनी डायस्पोरा से अलग अन्य देशों में दर्शकों को लक्षित करने के लिए अंग्रेजी और अन्य गैर-चीनी भाषाओं का उपयोग किया गया था। रिपोर्ट में नेटवर्क अकाउंट्स और सीसीपी अधिकारियों के खातों के बीच बातचीत का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राजनयिकों और राज्य के अधिकारियों के साथ कुछ उल्लेखनीय बातचीत हुई।
उदाहरण के लिए, सीएनएचयू नेटवर्क द्वारा किए गए सभी रीट्वीट में से 48 प्रतिशत सीसीपी सरकारी मीडिया और राजनयिक अकाउंट्स के थे। नेटवर्क ने विषय और रणनीति से जुड़े होने के संकेत दिखाए हैं, हालांकि, इसने ट्विटर पर समग्र रूप से महत्वपूर्ण ऑर्गेनिक ट्रैफिक (फर्जी तरीके अपनाए बिना जुटाए गए यूजर्स) हासिल नहीं किया। ऐसे संकेत थे कि पुराने अकाउंट्स को दोबारा खरीदा गया था और प्रामाणिक व्यक्तियों को गढ़ने का बहुत कम प्रयास किया गया था।
ट्विटर ने दोनों डेटासेट के लिए चीनी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है, बाद वाला डेटासेट विशेष रूप से चांगयु कल्चर नामक कंपनी से जुड़ा है, जो झिंजियांग प्रांतीय सरकार से संबंधित है।एएसपीआई आईसीपीसी ने स्वतंत्र रूप से ट्विटर और यूट्यूब पर अतिरिक्त अकाउंट्स की पहचान की है, जो दो डेटासेट में उन लोगों के समान व्यवहार प्रदर्शित कर रहे थे।
Published on:
03 Dec 2021 11:10 pm
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