
दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी का मुरीद हुआ पाक मीडिया, कहा- मोदी को करना चाहिए वाजपेयी का अनुसरण
कराची। पाकिस्तान के साथ तनावपूर्ण संबंधों को सुधारने में सराहनीय कार्य करने वाले दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पाकिस्तानी मीडिया ने तारीफ की है। अटल जी के महान साहस की प्रशंसा करते हुए कराची के एक दैनिक अखबार ने शनिवार को कहा है कि भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी राजनीति का अनुसरण करना चाहिए, जो कि दक्षिण एशिया में अभूतपूर्व थी। अखबार ने शनिवार के अपने संपादकीय में कहा है, "वाजपेयी ने निर्विवाद रूप से पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के निमंत्रण पर पाकिस्तान की बस से यात्रा कर महान साहस और दूर दृष्टि का परिचय दिया था। परमाणु हथियार संपन्न प्रतिद्वंद्वियों के बीच संबंधों को सामान्य करने के लिए फरवरी 1999 में दो प्रधानमंत्रियों के बीच हस्ताक्षरित लाहौर घोषणा-पत्र पिछले दो दशकों के दौरान एक उच्च अवस्था रही है।"
अटल के राजनीतिक जीवन से सीखने की नसीहत
अखबार ने कहा है कि मोदी ने बुधवार को स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में कश्मीर के प्रति अपना दृष्टिकोण जाहिर करने के बावजूद पाकिस्तान को एक सतत और सार्थक तरीके से उस प्रक्रिया में शामिल करने की कोई इच्छा नहीं दिखाई। अखबार ने कहा है, "ऐसी आशा थी कि भाजपा और भारत वाजपेयी के पाकिस्तान पथ पर लौट सकते हैं।" दैनिक ने कहा है कि भारत की राजनीति वाजपेयी के कद वाले एक सच्चे राजनेता और राष्ट्रीय नेता को पैदा करने के लिए संघर्ष कर रहा है। क्योंकि वाजपेयी ने राजनीतिक कौशल और संगठन के साथ एक दुर्जेय बुद्धि को जोड़कर राजनीतिक मुख्यधारा को व्यापक किया था।
अटल का मुरीद हुआ पाक अखबार
पाकिस्तीन अखबार ने कहा है, "वाजपेयी ने एक ऐसी राजनीति का प्रतिनिधित्व किया, जिसके उदाहरण उनके पहले देखने को नहीं मिले थे।" अखबार ने कहा है कि मई 1998 में पांच परमाणु परीक्षण करने के प्रधानमंत्री वाजपेयी के निर्णय को कोई शांति समर्थक समर्थन नहीं कर सकता। लेकिन पाकिस्तान के परिप्रेक्ष्य से, पोखरण-द्वितीय परमाणु परीक्षण ने दक्षिण एशिया में परमाणु सशस्त्रीकरण के एक युग का सूत्रपात किया और हमेशा के लिए इस क्षेत्र के सुरक्षा समीकरणों को बदल कर रख दिया।
Published on:
18 Aug 2018 04:43 pm
बड़ी खबरें
View Allएशिया
विदेश
ट्रेंडिंग
