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जेरुसलम में अमरीकी दूतावास खुलने से पहले हिंसक झड़प, 55 लोगों की मौत, 2400 से अधिक घायल

सोमवार को विवादास्पद तरीके से अमरीकी दूतावास खुलने से पहले गाजा पट्टी में हिंसक संघर्ष शुरु हो गया।

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नई दिल्ली। अमरीका ने इजराइल के साथ अपनी दोस्ती को एक नई दिशा दे दी है। सोमवार को अमरीका ने जेरुसलम में अपना नया दूतावास खोल दिया है। दशकों से स्थापित अमरीकी नीति व अंतरराष्ट्रीय परंपरा को औपचारिक रुप से तोड़ने वाले इस कदम को अमरीकी अधिकारियों ने क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ाने वाला कदम बताया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वाणिज्य दूतावास जेरूसलम में नया दूतावास मौजूदा अमरीकी वाणिज्य दूतावास में होगा और इजरायल में अमरीकी राजदूत डेविड फ्राइडमैन के नेतृत्व में 90 मिनट के समारोह में इसके दरवाजे शाम चार बजे खुलेंगे।

फिलिस्तीन और इजराइल के लोगों के बीच खूनी संघर्ष

बता दें कि सोमवार को विवादास्पद तरीके से अमरीकी दूतावास खुलने से पहले गाजा पट्टी में हिंसक संघर्ष शुरु हो गया। इस संघर्ष में 55 फिलिस्तीनी नागरिक मारे गए हैं जबकि सैंकड़ों घायल हो गए हैं। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि वाइट हाऊस के प्रतिनिधि और इजराइली अधिकारी उद्घाटन कार्यक्रम के लिए पहुंचने वाले हैं, इसी बीच गाजा में झड़प होने से 55 लोगों के मारे जाने के अलावा 2400 से अधिक फिलिस्तीनी घायल भी हो गये। मंत्रालय ने बताया है कि मारे गए लोगों में 14 वर्षीय एक बच्चा भी शामिल है। बता दें कि रविवार को यह खबर आने के बाद से हजारों की संख्या में फिलिस्तीनी नागरिक अमरीका के इस निर्णय के विरोध में इजरायल व गाजा पट्टी को अलग करने वाली बाड़ के पास प्रदर्शन के लिए जमा होने लगे थे। इस बीच कुछ लोग पथराव करते हुए बाड़ के समीप पहुंच गये और वे उसे पार करने की कोशिश करने लगे। उस पर इजराइली सुरक्षाकर्मियों ने मोर्चा संभाल रखा था। इधर इजराइली सेना ने कहा, ‘करीब 35,000 हिंसक उपद्रवी गाजा पट्टी सीमा के समीप जगह-जगह जमा हो गये थे और सुरक्षा बाड़ से करीब आधे किलोमीटर दूर हजारों अन्य जुटे थे।’

ट्रंप वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करेंगे संबोधित

आपको बता दें कि इजराइल ने अमरीका के इस कदम की सराहना की है तो वहीं फिलिस्तीन के लोगों ने इसकी कड़ी आलोचना की है। आपको बता दें कि इस समारोह को अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करेंगे जबकि इस समारोह का प्रतिनिधित्व ट्रंप की बेटी व सलाहकार इवांका ट्रंप और उनके दामाद जेरेड कुशनर करेंगे। बताया जा रहा है कि इस में एक कांग्रेसी प्रतिनिधिमंडल व उप विदेश मंत्री जॉन सुलिवन की अगुवाई वाले राष्ट्रपति के प्रतिनिधिमंडल सहित करीब 800 लोगों के भाग लेने की संभावना है।

पीएम नेतन्याहू ने ट्रंप को दिया धन्यवाद

आपको बता दें कि रविवार को अमरीकी प्रतिनिधिमंडल इजराइल पहुंच गया था। अमरीकी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत इजरायल के विदेश मंत्री ने किया और बाद में प्रधानमनंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने घर में मेहमानों को रात्रिभोज दिया। इस दौरान पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप की प्रशंसा करते हुए कहा कि "राष्ट्रपति ट्रंप आपके निर्भीक निर्णय के लिए धन्यवाद। इजरायल व अमेरिका के बीच गठजोड़ हमेशा के लिए मजबूत बनाने के लिए धन्यवाद।"

पिछले वर्ष अमरीका ने की थी घोषणा

आपको बता दें कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमरीकी दूतावास को तेल अवीव से हटाकर जेरुसलम में स्थापित करने की घोशणा बीते वर्ष 6 दिसंबर को की थी। हालांकि इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी कड़ी आलोचना की गई थी। बता दें कि उस समय अमरीकी दूतावास को तेल अवीव से जेरुसलम ले जाने के लिए 14 मई 2018 की तारीख तय की गई थी, जो कि समय-सीमा पर पूरी हो गई है। बता दें कि 14 मई को इजराइल का स्वतंत्रता दिवस का दिन है।