
Aaj Ka Panchang 15 April 2026 : आज का पंचांग 15 अप्रैल 2026 (फोटो सोर्स: Gemini AI)
Aaj Ka Panchang 15 April 2026: आज का पंचांग 15 अप्रैल 2026 (बुधवार) विशेष रूप से धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण दिन है। आज त्रयोदशी तिथि के साथ प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि का संयोग बन रहा है, जो भगवान शिव की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके साथ ही पूर्वाभाद्रपद और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र, ब्रह्म और ऐन्द्र योग, तथा दिनभर के चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन देते हैं। आज राहुकाल, दिशा शूल और भद्रा का भी विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। यदि आप आज यात्रा, निवेश, पूजा या कोई नया कार्य शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो यह पंचांग आपके लिए पूरी तरह उपयोगी रहेगा।
(वीडियो सोर्स : GYAN GANGA)
विक्रम संवत् - 2083
संवत्सर नाम – रौद्र
शक संवत् – 1948
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 26 सव्वाल
अयन – उत्तरायण
ऋतु – बसंत ऋतु
मास – वैशाख
पक्ष – कृष्ण
| क्रम | चौघड़िया प्रकार | समय | विवरण |
|---|---|---|---|
| 1 | लाभ / अमृत | सूर्योदय से 09:17 तक | अत्यंत शुभ, सभी कार्यों के लिए उत्तम |
| 2 | शुभ | 10:52 से 12:27 तक | मांगलिक व शुभ कार्यों के लिए अच्छा |
| 3 | चर | 03:37 से 05:12 तक | यात्रा व गतिशील कार्यों के लिए उचित |
| 4 | लाभ | 05:12 से सूर्यास्त तक | लाभकारी कार्यों के लिए शुभ समय |
दिशा शूल - आज उत्तर दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए उत्तर दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 12.00 से 1.30 तक
तिथि – त्रयोदशी तिथि रात्रि 10.32 तक होगी तदुपरान्त चतुर्दशी तिथि होगी ।
नक्षत्र – पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र दिन 3.23 तक रहेगा तदुपरान्त उत्तराभाद्रपद नक्षत्र होगा ।
योग – ब्रह्म योग दिन 1.25 तक रहेगा तदुपरान्त ऐन्द्र योग रहेगा ।
करण – गर करण दिन 11.22 तक रहेगा तदुपरान्त वणिज करण रहेगा।
व्रत / दिवस विशेष – भद्रा दिन 10-32 से प्रारम्भ, प्रदोष व्रत, मास शिवरात्रि, पंचक, विगुविधु व वैशाख बिहु (आसाम) , वैशाखादि (बंगाल में) , हिमाचल दिवस,
चन्द्रमा – आज दिन 9.38 तक कुंभ राशि में होगा तदुपरान्त मीन राशि में प्रवेश होगा ।
कुम्भ का स्वामी भी शानि हैं। इनका स्वभाव दयावान, निस्वार्थ, स्वतंत्रताप्रिय, कल्पना शील और देश-विदेश घूमने के शौकीन होते हैं। ये लोग सेल्समेन, वकील व जज होते हैं। ये जातक उच्चाधिकारी, उच्चपदासीन, क्रय-विक्रय, प्रोफेसर, जज-वकील, उच्चपदवी या धनी व्यापारी होते हैं। ये जातक बुद्धिमान, साधन-सम्पन्न, तीव्र स्मरण-शक्ति एवं गंभीर प्रकृति वाले होते हैं।
मीन राशि के स्वामी गुरु हैं इस राशि के बच्चे सौम्य, गंभीर स्वाभाव वाले, बुद्धिमान, विवेकी, ज्ञानी, धार्मिक, परोपकारी, साहित्य प्रेमी, आध्यात्म प्रेमी, भावुक, अध्ययनशील, सज्जन, कल्पनाशील, उच्चाकांक्षी, स्वाभिमानी चंचल और कार्यों के प्रति थोड़े लापरवाह होते हैं.
Updated on:
14 Apr 2026 12:24 pm
Published on:
14 Apr 2026 12:24 pm
