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Panchang: आज का पंचांग 2 मार्च 2026: होलिका दहन से पहले जान लें आज का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशा शूल की पूरी जानकारी

Aaj ka Panchang 2 March 2026: आज का पंचांग सोमवार, 2 मार्च 2026: फाल्गुन शुक्ल चतुर्दशी सायं 5:56 तक, इसके बाद पूर्णिमा। अश्लेषा से मघा नक्षत्र परिवर्तन, रवियोग, राहुकाल 7:30 से 9:00 तक, दिशा शूल पूर्व में। जानें शुभ चौघड़िया, होलिका दहन मुहूर्त और कर्क-सिंह राशि विवरण।

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भारत

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Manoj Vashisth

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Pandit Mukesh Bhardwaj

Mar 01, 2026

Aaj ka Panchang 2 March

Aaj ka Panchang 2 March : आज का पंचांग 2 मार्च 2026 (फोटो सोर्स: Patrika)

Aaj ka Panchang 2 March 2026: सोमवार, 2 मार्च 2026 का पंचांग कई दृष्टियों से विशेष है। आज फाल्गुन शुक्ल चतुर्दशी सायं 5:56 तक रहेगी, इसके पश्चात पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होगी। आज होलिका दहन, चांद्र पूर्णिमा व्रत और हुताशिनी पूर्णिमा का विशेष महत्व है। प्रातः 7:52 तक अश्लेषा नक्षत्र रहेगा, इसके बाद मघा नक्षत्र प्रारंभ होगा। रवियोग का शुभ संयोग भी सूर्योदय से 7:52 तक रहेगा। राहुकाल सुबह 7:30 से 9:00 बजे तक रहेगा, जबकि दिशा शूल पूर्व दिशा में है। ऐसे में यात्रा और शुभ कार्य करते समय मुहूर्त का ध्यान रखना आवश्यक है। आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि प्रातः 7:52 तक कर्क और उसके बाद सिंह होगी। आइए जानते हैं आज का पूरा पंचांग, चौघड़िया, शुभ-अशुभ समय और राशि विशेष।

आज का पंचांग सोमवार, 2 मार्च, 2026

क्रमांकविवरणजानकारी
1विक्रम संवत्2082
2संवत्सर नामसिद्धार्थ
3शक संवत्1947
4हिजरी सन्1447
5मु. मास12 रमजान
6अयनउत्तरायण
7ऋतुबसंत ऋतु
8मासफाल्गुन
9पक्षशुक्ल

आज का चौघड़िया | Today Choghadiya Timings

आज अमृत का चौघड़िया सूर्योदय से 8.20 तक रहेगा. शुभ का चौघड़िया 9.47 से 11.13 तक रहेगा, चर का चौघड़िया 2.05 से 3.32 तक रहेगा तथा लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः .0 से सूर्यास्त तक रहेंगे. इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।

दिशा शूल - आज पूर्व में दिशा शूल रहेगा। इसलिए आज पूर्व दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।

उपाय - यदि पूर्व दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व दूध पीकर या दही व गुड़ का सेवन कर, शुभ शगुन लेकर यात्रा प्रारम्भ करें।

राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 7.30 से 9.00 तक

उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो प्रातःकाल सूर्योदय कालीन सूर्य के दर्शन करके ही कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।

तिथि – चतुर्दशी तिथि सायं 5.56 तक होगी तदुपरान्त पूर्णिमा तिथि होगी ।

नक्षत्र – अश्लेषा नक्षत्र प्रातः 7.52 तक होगा तदुपरान्त मघा नक्षत्र होगा ।

योग – अतिगंड योग दिन 12.19 तक रहेगा तदुपरान्त सुकर्मा योग रहेगा ।

करण – वणिज करण सायं 5.56 तक रहेगा तदुपरान्त विष्टि करण रहेगा।

विशिष्ट योग – रवियोग सूर्योदय से प्रातः 7-52 तक

व्रत / दिवस विशेष – भद्रा सायं 5-56 से रात्रि 5-32 तक, चांद्र पूर्णिमा व्रत, होलिका दहन, हुताशिनी पूर्णिमा, माघी मासम् (द.भारत में), गंडमूल संपूर्ण दिनरात्रि,

चन्द्रमा – आज प्रातः 7.52 तक कर्क राशि में होगा तदुपरान्त सिंह राशि में प्रवेश होगा।

ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन

आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज प्रातः 7.52 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि कर्क होगी तदुपरान्त सिंह राशि होगी ।
आज प्रातः 7.52 तक जन्म लेने वाले बच्चों का अश्लेषा नक्षत्र होगा तदुपरान्त मघा नक्षत्र होगा ।
आज जन्मे बच्चों का रजत पाद होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर डो, म, मी, मु, मे पर रखे जा सकते हैं।

कर्क राशि के स्वामी चन्द्र हैं. यह जल प्रधान राशि है. ये बहुत भावुक होते हैं. भावनाओं के आवेग में बहने के करण चंचल प्रकृति के और बार बार निर्णय बदलने वाले हो सकते हैं. सुन्दर व आकर्षक होते है. व्यवहार मिलनसार होता है. कला, संगीत, साहित्य प्रेमी, कल्पनाशील, धार्मिक, दयालु, सहृदय, ईमानदार होते हैं.

सिंह राशि के स्वामी सूर्य है। इस राशि के बच्चे निडर, साहसी, दयालु, ऐश्वर्यशाली, शत्रुहन्ता होते हैं. ये अग्नि तत्व की राशि हैं, जिससे इनको गुस्सा जल्दी आ जाता हैं परंतु नर्म भी जल्दी हो जाते हैं। ये पराक्रमी व बुद्धिमान, उधमी, कर्मठ, निड़र, स्वतंत्र विचारों वाले होते हैं और बड़े काम से घबराते नहीं हैं। इनमें नैसर्गिक नेतृत्त्व क्षमता होती है.