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शनि-राहु युति इन राशि के जातकों के लिए बेहद भारी, अक्टूबर तक रहना होगा बेहद सतर्क

- शनि व राहु की युति ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नकारात्मक प्रभाव डालती है। ऐसे में कुछ राशि के जातकों के लिए अक्टूबर तक का समय कष्टकारी साबित हो सकता है।

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Deepesh Tiwari

Aug 17, 2023

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Shani-Rahu

ज्योतिष में ग्रहों का राशियों में परिवर्तन या चाल में परिवर्तन करना एक सामान्य प्रक्रि या है, लेकिन इसके प्रभाव राशियों पर अत्यंत गंभीर व कई बार सुखद भी होते हैं। दरअसल एक निश्चित अवधि पर ये ग्रह अपनी स्थिति में बदलाव करते हैं तो वहीं राशियों के अलावा नक्षत्रों में परिवर्तन भी जातकों पर अपना असर डालते हैं। वहीं कई बार दो या उससे भी ज्यादा ग्रह जब एक ही राशि अथवा एक ही नक्षत्र में आ जाते हैं, तो इनके द्वारा दिए जाने वाला परिणाम कुछ के लिए सुखद तो कुछ के लिए अत्यंत दिक्कतों वाली स्थिति उत्पन्न कर देता है।

ज्योतिषीय गणना के अनुसार ऐसी ही एक स्थिति आज यानि गुरुवार, 17 अगस्त 2023 में भी शुरु होने जा रही है। जिसके चलते जहां एक ओर आने वाले एक माह तक जहां सूर्य देव अपनी ही राशि में परिवर्तन के कारण कई राशि के जातकों के भाग्य में वृद्धि करेंगे, तो वहीं दूसरी ओर शनि-राहु की युति शतभिषा नक्षत्र में होने के चलते आगामी 17 अक्टूबर तक कुछ राशि के जातकों के लिए कष्टकारी स्थिति उत्पन्न करती दिख रही है।

शनि-राहु की युति शतभिषा नक्षत्र में बनने के कारण एक अशुभ योग का निर्माण होगा जो कई राशि के जातकों पर नकारात्मक प्रभाव डालते हुए आगामी मंगलवार 17 अक्टूबर 2023 तक परेशान करेगा।

ऐेसे में इस अशुभ योग से प्रभावित होने वाली राशियों को इस दौरान अत्यधिक सावधानी बरतनी होगा। जिससे वे शनि-राहु की युति से उत्पन्न होने वाली नकारात्मक स्थिति के प्रभाव से स्वयं का बचाव कर सकें। तो चलिए जानते हैं शनि-राहु की इस युति से किस राशि के जातक किस तरह से प्रभावित होंगे।

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कर्क राशि-
चंद्र के स्वामित्व वाली कर्क राशि के जातकों को इस दौरान शनि-राहु युति का सबसे अशुभ प्रभाव देखने को मिलेेगा। ऐसे मे ये युति जहां कर्क राशि के जातकों के लिए वित्तीय और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां पेश करेंगे। तो वहीं इस दौरान आपके प्रयासों की प्रगति में कई तरह की रुकावटें बाधा बनती दिख रही हैं, इसके साथ ही आपको इस दौरान अधूरे कार्यों से नुकसान होने की स्थिति का निर्माण होता दिख रहा है।

उपाय: भगवान शंकर की शरण लें, हर सोमवार, बुधवार और शनिवार को शिव मंत्रों का अवश्य जाप करें। साथ ही किसी भी तरह के अनुचित कर्मों से दूर रहें।

कन्या राशि-
बुध के स्वामित्व वाली कन्या राशि के जातकों पर भी शतभिषा नक्षत्र में शनि-राहु की अशुभ युति प्रतिकूल प्रभाव लाती दिख रही है। इस समयावधि में आपकी मानसिक और आर्थिक परेशानी में इजाफा हो सकता है। ध्यान रहे इस दौरान बाहर कहीं भी जाते समय विशेष रूप से सावधान रहें, वहीं वाहन भी संभल कर चलाएं, क्योंकि इस दौरान अचानक दुर्घटना के संकेत मिल रहे हैं। इसके अलावा इस समय आपका परिवार के भीतर या आस-पास के लोगों से विवाद हो सकता है, ऐसे में कुछ कानूनी मामले भी पैदा हो सकते हैं। कुल मिलाकर इस दौरान कन्या राशि के जातकों को अतिरिक्त सावधानी रखनी होगी।

उपाय:बाबा भैरव की हर मंगलवार पूजा करें, इसके अलावा हर शनिवार हनुमानाष्टक का पाठ जरूर करें। इसके अलावा हर रोज भगवान शिव की अराधना करें।

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कुंभ राशि-
शनि के स्वामित्व वाली कुंभ राशि के जातकों के सामने इन दौरान अनेक तरह की चुनौतियां आने वाली है। इस समयावधि में नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर सहकर्मियों से विवाद का सामना भी करना पड़ सकता है। वहीं ऐसे में ये शनि-राहु की ये प्रतिकूल युति वित्तीय के लिए नुकसान दायक रहेगी वहीं ये समय आपकी सेहत के लिए भी ठीक रहता नहीं दिख रहा है। जिसके कारण इस दौरान चल रहे आपके प्रोजेक्ट में रुकावटें आने के साथ ही आपके कुछ पूर्ण नहीं हो सके कार्यों के लिए नुकसान का कारण बन सकता है।

उपाय:इस समयावधि में श्री हनुमान की हर रोज पूजा करें, उसमें भी खास तौर से हर मंगलवार व शनिवार के दिन बंजरंग बाण का पाठ अवश्य करें।