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कुंडली में राहु यह दुख का कारक भी माना गया है, मान्यता के अनुसार जन्म पत्रिका में राहु यदि अशुभ स्थान पर बैठा हो, अथवा पीडि़त हो तो ऐसे जातक को इसके नकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं। ऐसे में आज आपको राहु दोष को शांत करने के संबंध में बता रहे हैं...
ऐसे समझें राहु की शक्ति
राहु के साथ अन्य ग्रहों की युति के संबंध में जो बात आती है उसके अनुसार राहु जब चंद्र के साथ होता है तो वह उसे अत्यंत पीड़ा पहुंचाते हुए जातक के मन को अपने बस में कर लेता है, वहीं जब राहु देवगुरु बृहस्पति के साथ होता है तो उसकी शक्तियों को कम कर देता है। जब यह ग्रहों के राजा सूर्य के साथ होता है तो इसका ग्रास कर लेता है। बुध के साथ होने पर बुध का हर कर्म या फल राहु से प्रभावित होता है। वहीं शुक्र यानि दैत्यगुरु के साथ होने पर यह उन्हें तक प्रभावित करते हुए उनके प्रभाव में कमी ला देता है। जबकि शनि से इसकी काफी अच्छी बनती है, लेकिन शनि का इसके साथ होने पर शनि का व्यवहार भी राहु की तरह ही हो जाता है।
इससे इतर देवसेनापति मंगल के साथ होने पर राहु व मंगल दोनों अस्त हो जाते हैं। एकमात्र केतु ऐसा ग्रह है जिसके साथ राहु कभी नहीं हो पाता, ऐसे में कहा जाता है कि जब कभी राहु जातक को नुकसान पहुंचता है तो उस समय केतु जातक को लाभ प्रदान करता है।
राहु दोष और शांति के उपाय
माना जाता है कि राहु जिस किसी जातक की कुंडली में कमजोर होता है, ऐसे जातक के बनते काम बिगडने लगते हैं। साथ ही कुंडली में राहु कमजोर होने पर जातक की शादी में तक देरी कराने का कार्य करता है। राहु की ये स्थिति जातक को कुछ बुरे परिणाम भुगतने तक के लिए मजबूर कर सकती हैं। लेकिन जिस तरह हर समस्या का कोई न कोई उपाय होता है। उसी प्रकार कमजोर या पीडि़त या उग्र राहु के बुरे प्रभाव से भी मुक्ति के भी कुछ विशेष उपाय होते हैं।
उपाय-कुंडली में राहु की दशा को कुछ विशेष आसान उपायों की मदद से ठीक किया जा सकता है, इसके कुछ खास उपाय इस प्रकार हैं...
MUST READ-
1. भगवान शिव की करें पूजा
भगवान शिव की पूजा राहु दोष निवारण के लिए अत्यंत विशेष मानी जाती होता है। इसके तहत हर शनिवार और सोमवार को पानी में काले तिल डालकर शिवलिंग पर जल अर्पित करना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से कुंडली में राहु दोष का प्रभाव कम होता है।
2. श्री विष्णु की करें पूजा
कुंडली में राहु दोष से निजाद के लिए भगवान विष्णु का ध्यान करना खास लाभप्रद माना जाता है, इसके तहत गुरुवार यानि बृहस्पतिवार के दिन श्री हरि विष्णु की कृपा प्राप्ति के लिए उपवास रखने के अलावा उनकी पूजा भी करनी चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से भी जातक की कुंडली में राहु दोष कमजोर होते हुए निष्क्रिय अवस्था में चला जाता है।
3. मंत्र जाप
राहु दोष से मुक्ति के लिए हर रोज सुबह स्नान के बाद राहु मंत्र (राहु मंत्र- ऊँ रां राहवे नम:) का 108 बार जाप भी लाभ पहुंचाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से राहु दोष का प्रभाव घट जाता है। परंतु ध्यान रहे कि इसे नियमित रूप से जारी रखना है।
4. काले श्वान को रोटी खिलाएं
राहु दोष की स्थिति में किसी भी बुधवार से आरम्भ कर नियमित सात दिन तक काले श्वान को मीठी रोटी खिलानी चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से भी काफी हद तक राहु दोष से मुक्ति प्राप्त होती है।
5. कुश का जल में प्रयोग
राहु दोष में फंसी कुंडली वाले जातकों को हर रोज पानी में कुश डालकर नहाना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से बहुत जल्द राहु के दोष से मिलने वाली दिक् कतों में कमी आती है।
6. राहत प्रदान करता है गोमेद
राहु दोष से प्रताडित कुंडली वाले जातकों को गोमेद पहनने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि गोमेद रत् न को पहनने से राहु के दुष्प्रभावों में कमी आती है। परंतु ध्यान रहे गोमेद सहित किसी भी रत् न को पहनने से पहले किसी जानकार से अवश्य सलाह लेने चाहिए, कारण ये है कि अपनी मर्जी से रत् न पहनने पर कई बार ये रत् न बुरा प्रभाव भी देने लगते हैं।
7. इन्हें करें जल में प्रवाहित
राहु की दशा में इसके बुरे प्रभाव को घटाने के लिए रात के समय एक नीला कपड़े में काले तिल, कंबल, सूप, तेल से भरा ताम्रपत्र, लोहा, सप्त अनाज, अभ्रक, गोमेद, खड्ग आदि को बांधकर जल में प्रवाहित करना भी शुभ माना जाता है, मान्यता है कि ऐसा करने से राहु के बुरे प्रभाव में कटौती हो जाती है।
इसके अलावा कुंडली में राहु के कमजोर होने पर बहते पानी में नारियल को प्रवाहित राहु दोष में कमी आती है। इसके साथ ही खोटे सि क्कों को भी इसमें प्रवाहित करना राहु की शांति के लिए खास माना गया है।
Published on:
14 Aug 2023, 4:30 PM IST
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