
भारत में ऐसे कई मंदिर-मस्जिद हैं जहां पुरुषों व महिलाओं को जाने पर पाबंदी हैं या फिर प्रवेश के लिए बनाए गए खास नियमों का उन्हें विशेष तौर पर पालन करना पड़ता है। इससे अलग देश में एक ऐसा मंदिर भी है जहां किसी भी भ्रष्ट अधिकारी या नेता के जाने पर पूर्ण पाबंदी है। जानते हैं इससे जुड़ी खास बातें...
उत्तर प्रदेश के कानपुर में कानपुर विश्वविद्यालय के पीछे शनि देव का एक मंदिर है, जो भ्रष्ट तंत्र विनाशक शनि मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। माना जाता है कि मंदिर निर्माण के बाद उसका लोकापर्ण एक दिव्यांग व्यक्ति से कराया गया।
निजी भूमि पर बने इस मंदिर में मूर्तियों को भी तर्कों के आधार पर स्थापित किया गया है। शनि देव की तीन मूर्तियों के साथ ब्रह्मा की मूर्ति स्थापित की गई है, इससे ऐसा प्रतीत होता है कि ब्रह्मा सीधे शनि देव को देख रहे हों। इन मूर्तियों के साथ ही भगवान हनुमान की भी एक प्रतिमा स्थापित की गई है।
जिम्मेदार व्यक्तियों पर रहे नजर
यहां सबसे दिलचस्प बात यह है कि मंदिर में कुछ अधिकारियों, मंत्रियों व नेताओं की तस्वीरों को इस तरह लगाया गया है कि शनि देव की नजर उन पर रहे। लोगों का मानना है कि इसके पीछे का मकसद इतना है कि समाज में व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के जिम्मेदार इन लोगों की ओर से जनता विरोधी निर्णय लेने की स्थिति में इन्हें शनि देव का कोपभाजन बनना पड़े।
पूजन के हैं कड़े नियम
शनि देव के इस मंदिर में मूर्तियों के ऊपर तेल चढ़ाना, प्रसाद चढ़ाना और घंटा बजाना निषिद्ध है। हालांकि, यहां लौंग, इलायची और काली मिर्च के साथ मिट्टी के दीये चढ़ाए व जलाए जा सकते हैं।
Published on:
17 Dec 2016 11:19 am
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