
बुध शुक्र राशि परिवर्तन का असर
पंचांग की गणना के अनुसार 7 मार्च को प्रातः 9:36 पर बुध ग्रह का मीन राशि में प्रवेश होगा (Budh Rashi Parivartan), वहीं शुक्र सुबह 10:46 बजे कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे (Shukra rashi parivartan)। दोनों ही ग्रहों का परिवर्तन व्यापार और व्यवसाय में लोगों को लाभ दिलाएगा। इस समय बुध मीन राशि में निम्न स्थिति के अंश बनाएंगे यानी बुध मीन राशि में नीच के रहेंगे लेकिन दृष्टि उच्च की होती है। वहीं कुंभ राशि में शुक्र का प्रभाव मित्र क्षेत्र होने से रूके कार्य में गति प्रदान करेगा। बंद पड़े कारखाने में गति आएगी, पुरानी योजनाएं वापस आकार लेंगी क्योंकि शुक्र और शनि का युति संबंध कुंभ राशि में होने से यह स्थितियां दिखाई देगी।
ज्योतिषी अमर डब्बावाला के अनुसार व्यापार व्यवसाय का कारक ग्रह बुध मीन राशि में प्रवेश करने पर पूर्वोत्तर दिशा से संबद्ध राष्ट्रों के मध्य व्यापार की स्थिति को खोलेगा, अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर व्यावसायिक नीति का संचालन होगा हालांकि बुध मीन राशि में कमजोर रहते हैं नीच के माने जाते हैं फिर भी इसका प्रभाव अलग ही प्रकार से आकार लेगा। आमतौर पर बुध का मीन राशि में गोचर (Budh Gochar Meen Rashi) रूके कार्य में गति भी लाता है और कुछ योजनाओं को रोकता भी है और कुछ योजना को बढ़ाता भी है इस दृष्टि से और बुध का अंशानुक्रम अगले 15 दिन में फिर परिवर्तित होने से व्यवसाय में एकदम उछाल के योग बनेंगे।
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है की मौसम का कारक ग्रह बुध है और यह परिवर्तन बुध के मीन राशि में प्रवेश करने से लेकर माना जाएगा, हालांकि यह भी सही है कि मौसम में परिवर्तन शीतला सप्तमी तक अर्थात 2 अप्रैल तक विशेष रूप से दिखाई देगा। इस दौरान दिन के तापमान और रात के तापमान में परिवर्तन होगा। इस समय बढ़ता घटता तापमान जनता अनुभव करेगी। वहीं कुछ स्थानों पर होली के कालखंड तक पूर्वोत्तर के क्षेत्र में वर्षा का प्रभाव भी दिखाई दे सकता है। 2 अप्रैल के बाद स्थिति में परिवर्तन होने से मौसम स्थिरता की ओर जाएगा और धीरे-धीरे तापमान में वृद्धि होगी।
शुक्र का कुंभ राशि में प्रवेश होने से शुक्र शनि के साथ में युति (Shukra Shani Yuti) बनाएंगे यह युति नए स्टार्टअप्स के लिए अनुकूल मानी जाती है अर्थात शुक्र शनि का संयुक्त होना नए कार्य में प्रगति तथा उन्नति देने का कारक माना जाता है। इस दृष्टि से पश्चिमोत्तर दिशा में इस युति का प्रभाव सकारात्मक रूप से विशेष तौर पर दिखाई देगा। हालांकि जो पहले से स्टार्टअप्स की योजना बना रहे हैं, उनके लिए 7 मार्च से लेकर के आने वाले एक माह तक अपनी योजनाओं को आकार देकर के सामने लाने की आवश्यकता रहेगी, जिसके माध्यम से अपने कार्य तथा व्यवसाय को आगे बढ़ा सकेंगे इस दृष्टि से उन्हें सफलता के भी अवसर मिल सकेंगे।
बुध शुक्र का राशि परिवर्तन पूर्वोत्तर से जुड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुद्दों पर भी वैदेशक मामलों को पक्ष में हल करेगा। यही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार व्यवसाय की जो मीटिंग्स वर्तमान में देश प्रदेश में हो रही हैं, उन्हें नए अवसरों का तथा कार्य के श्री गणेश का मौका मिलेगा ।ऐसी स्थिति में भारतीय विदेश नीति व्यापार व्यवसाय को आकार देने में सफल होगी साथ ही अन्य राष्ट्रों के मध्य व्यापारिक समझौते स्तरीय आकार लेंगे जिससे भारत की आर्थिक स्थिति में वृद्धि होगी।
Updated on:
07 Mar 2024 10:17 am
Published on:
05 Mar 2024 10:40 pm
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