अगले ​दो दिनों में कम हो जाएगा कोरोना का प्रभाव! ये हैं देवीय उपाय

वैज्ञानिकों के संशय के बीच ज्योतिष के जानकारों का दावा...

कोरोना के प्रकोप के चलते पूरी दुनिया में इस समय भय का माहौल बना हुआ है। ऐसे में हर किसी के मन में ये सवाल जरूर पैदा हो रहा है कि आखिर इस कोरोना महामारी का कब अंत होगा। वैज्ञानिक चूंकि अब तक इसका एंटीडोज नहीं बना पाए हैं, ऐसे में वे भी इस बीमारी पर कब तक काबू पाया जा सकेगा, इसे लेकर संशय में हैं।

वहीं ज्योतिष में इस बीमारी का कारण ग्रहों की चाल को बताया जा रहा है। वहीं जानकार ये भी कह रहे हैं कि ग्रहों की चाल के चलते अगले चंद दिनों में इसकी रफ्तार में कमी आ जाएगी। लेकिन कुछ जगहों पर इससे बचाव की ओर ध्यान नहीं दिए जाने के चलते एक बार फिर ये महामारी कुछ माह बाद सामने आ सकती है।

महामारी: ऐसे समझें ग्रहों की चाल...
ज्योतिष के जानकार पंडित सुनील शर्मा के अनुसार केतु ने 6 मार्च 2019 को धनु राशि में प्रवेश किया था। इसके बाद 4 नवंबर 2019 को बृहस्पति ने धनु राशि में प्रवेश किया था। केतु व गुरु के एक साथ धनु में आने के चलते चीन में पहला केस नवंबर 2019 में सामने आया था।

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वहीं इसके अलावा विशिष्ट संहिता में वर्णन के अनुसार ही इसके बाद 26 दिसंबर 2019 को साल का आखिरी सूर्यग्रहण पड़ा। ऐसे में इस सूर्यग्रहण के दिन ग्रहों का षडाष्टक योग बना था। सूर्य, चंद्र, बृहस्पति, शनि, बुध और केतु के योग से सूर्यग्रहण का नकारात्मक प्रभाव पड़ा। इसने वायरस को महामारी बना दिया।

ऐसे लिया भयानक रूप...
जबकि इसके 14 दिन बाद पड़ा चंद्रग्रहण भी शुभ फल देने वाला नहीं था और राहु, केतु, शनि से पीड़ित रहा था। ज्योतिष के अनुसार सूर्य, चंद्रमा और बृहस्पति के कमजोर होने पर प्रलय की स्थिति निर्मित होती है। वहीं इसके बाद जब केतु मूल नक्षत्र में पहुंचा तो वायरस ने भयानक रूप धारण कर लिया।

27 से 28 मार्च के बीच कोरोना में आएगी कमी!...
ज्योतिष के जानकार वीडी श्रीवास्तव के अनुसार भारतीय नव संवत्सर जिसका नाम प्रमादी संवत्सर है, उसे इस वायरस का दुश्मन माना जा रहा है। उनके अनुसार ऐसे कई जानकार ये मानते हैं कि नव संवत्सर 2078 अर्थात 25 मार्च 2020 से, भारतीय नव संवत्सर जिसका नाम प्रमादी संवत्सर के प्रारम्भ से इसका प्रभाव कम होना शुरू हो जाएगा।

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लेकिन नवसंवत्सर पंचक में शुरू हो रहा है। ऐसे में दो दिन यानि 26 मार्च तक पंचक का रहने से इसके असर में कमी ज्यादा नहीं दिखेगी। वहीं ग्रह योगों को देखते हुए इसके बाद यानि 27 से 28 मार्च के बीच से कोरोना में कमी आनी शुरु हो जाएगी।

लेकिन यहां ये जरूर समझने वाली बात है कि कमी जरूर आएगी, लेकिन ये पूरी तरह से कंट्रोल में नहीं आएगा। चुंकि इसका असर 3 से 7 माह तक रहने की ओर ग्रह भी इशारा करते हैं, अत: ग्रहों की चाल कहती है कि कुछ माह सावधानी रखने के बाद लोगों के पुन: लापरवाह हो जाने से मई 2020 में एक बार फिर कोरोना का असर देखने को मिल सकता है।

जबकि पुन: जागरुक होने की स्थिति के चलते व राहु के नक्षत्र बदलने के साथ ही करीब मई के अंत से इसमे काफी कमी आनी शुरू हो जाएगी। जबकि सितंबर तक यह वायरस पूरी तरह से डिएक्टिवेट अवस्था में चला जा सकता है, इसका कारण ये है कि 20 सितंबर 2020 तक केतु धनु राशि में बना रहेगा।

ग्रहों ने फैलाई महामारी...
राहु इस समय आद्रा नक्षत्र में है, जो प्रलय का नक्षत्र माना जा रहा है। 20 मई 2020 तक वह इसी आद्रा नक्षत्र में रहेगा। वहीं 20 मई 2020 तक बृहस्पति उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में रहेगा, जो परेशानी पैदा करेगा।

ऐसे करें बचाव! ये मंत्र देंगे राहत...
श्री मार्कण्डेय पुराण में श्री दुर्गासप्तशती में किसी भी बीमारी या महामारी का उपाय देवी के स्तुति तथा मंत्र द्वारा बताया गया है जो कि अत्यंत प्रभावकारी माने जाते हैं...

रोग नाश के लिए...
रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान्।
त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति॥

महामारी नाश के लिए...
ऊँ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते।।

यह दोनों मंत्र अत्यंत प्रभावकारी माने जाते हैं।

इन ग्रहों की चाल लाएगी बीमारी में कमी...
ज्योतिष के जानकारों की मानें तो 29 मार्च को गुरु के मकर राशि में प्रवेश करते ही शनि-मंगल की युति होगी। ऐसे में चूंकि शनि अपने आने से पहले ही अपना असर दिखाना शुरू कर देता है, इसलिए मुमकिन है कि 27—28 मार्च 2020 से ही इस बीमारी का असर कम होने लगे। लेकिन यदि पंचक का असर कम रहा तो बीमारी में कमी की शुरुआत 26 मार्च से भी होने की संभावना है।

इस दौरान वायरस की शक्ति कमजोर पड़ेगी, जिससे उसके असर में कमी आएगी। वहीं 13 अप्रैल को सूर्य के मेष राशि में प्रवेश से राहत बढ़ जाएगी। 4 मई को मंगल कुंभ राशि में प्रवेश करेगा जो काफी राहत भरा रहेगा। 20 मई को राहु नक्षत्र बदलेगा और इसके चलते वायरस का तकरीबन पूरा असर खत्म होता चला जाएगा।

महामारी का अंत...
ज्योतिष के जानकारों के अनुसार इस महामारी का असर 3 से 7 महीने तक रहेगा ! परंतु नव संवत्सर 2078 के प्रारम्भ से इसका प्रभाव कम होना शुरू हो जाएगा अर्थात 25 मार्च 2020 से प्रारंभ हो है, इसी दिन से करोना का प्रभाव कम होना शुरू हो जाएगा ।

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दीपेश तिवारी
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