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2020 में पृथ्वी पर आफत: उल्का पिंड से लेकर कोरोना तक, क्या कहती हैं विश्व प्रसिद्ध भविष्यवाणियां

पृथ्वी की ओर बढ़ रहे उल्का पिंड व कोरोना को लेकर भविष्यवाणियां...
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भोपाल

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Deepesh Tiwari

•

Updated: 20 Mar 2020, 2:21 PM IST

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वर्ष 2020 का सबसे खतरनाक समय शुरू हो चुका है। ऐसा मानने वालों का कहना है कि जहां एक ओर कोरोना वायरस जैसे खतरे से इस समय मानव जाति जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर एक एस्ट्रोइड (क्षुद्रग्रह) पृथ्वी की ओर तेजी से चला आ रहा है। ऐसे में यदि यह पृथ्वी से टकराता है तो यहां का तरीकबन संपूर्ण जीवन नष्ट हो जाएगा।

दरअसल कोरोन वायरस की फैली महामारी के बीच सोशल मीडिया यूजर्स अब एक खगोलीय घटना को लेकर डरे हुए हैं। सोशल मीडिया पर कुछ लोग एक वीडियो के जरिये दावा कर रहे हैं कि आगामी 29 अप्रैल को एक क्षुद्रग्रह (asteroid) जो "हिमालय" के जितना बड़ा है, पृथ्वी से टकराएगा और महाविनाश होगा, दुनिया खत्म हो जाएगी।

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वहीं जानकारों का मानना है कि ऐसे ही एक क्षुद्रग्रह के पृथ्वी से टकराने के बार में भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस ने भी भविष्यवाणी की थी, लेकिन साथ ही उन्होंने इसे युद्ध के आसपास का समय बताया था, ऐसे में लोग 29 अप्रैल को आ रहे इस क्षुद्रग्रह की पृथ्वी से टक्कर को नकार रहे हैं।

उल्का पिंड की पृथ्वी से टक्कर: ये है नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी...
नास्त्रेदमस अनुसार तृतीय विश्व युद्ध चल रहा होगा तब आकाश से एक उल्कापिंड हिंद महासागर में गिरेगा और समुद्र का सारा पानी धरती पर फैल जाएगा जिसके कारण धरती के अधिकांश राष्ट्र डूब जाएंगे।...हालांकि यह भी हो सकता है कि इस भयानक टक्कर के कारण धरती अपनी धूरी से ही हट जाए और अंधकार में समा जाए।

नास्त्रेदमस तृ‍‍तीय विश्व युद्ध के बारे में भी भविष्यवाणी करते हैं कि 'एक पनडुब्बी में तमाम हथियार और दस्तावेज लेकर 'वह व्यक्ति' इटली के तट पर पहुंचेगा और युद्ध शुरू करेगा। उसका काफिला बहुत दूर से इतालवी तट तक आएगा।'

''एक मील व्यास का एक गोलाकार पर्वत अं‍तरिक्ष से गिरेगा और महान देशों को समुद्री पानी में डूबो देगा। यह घटना तब होगी जब शांति को हटाकर युद्ध, महामारी और बाढ़ का दबदबा होगा। इस उल्का द्वारा कई प्राचीन अस्तित्व वाले महान राष्ट्र डूब जाएंगे।''

समीक्षक और व्याख्याकार इस उल्का के गिरने का केंद्र हिंद महासागर मानते हैं। ऐसे में मालद्वीप, बुनेई, न्यूगिना, फिलि‍पींस, कंबोडिया, थाईलैंड, बर्मा, श्रीलंका, बांग्लादेश, भारत, पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका के तटवर्ती राष्ट्र तथा अरब सागर से लगे राष्ट्र डूब से प्रभावित होंगे।

कोरोना वायरस : चीन की साजिश!
चीन के वुहान क्षेत्र से दुनियाभर में फैल रहे कोरोना वायरस के संबंध में कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस चीन का घातक हथियार है जिसे उसने टेस्ट किया है। वहीं कई लोग डीन आर कुंट्ज की 40 साल पहले लिखी गई एक किताब द आइज ऑफ डार्कनेस (the eyes of darkness) हवाला देकर कह रहे हैं कि यह चीन की साजिश है।

इस किताब में एक संक्रमण का जिक्र है जिसे वुहान 400 का ही नाम दिया गया है। वुहान 400 कोड रखे जाने का तर्क किताब में यह दिया गया है कि इसे वुहान प्रांत के बाहरी क्षेत्र में बनाया गया और कोड में 400 इसलिए जोड़ा गया क्योंकि यह इस लैब में तैयार 400 वां ऐसा हथियार था। खैर, यह कहना अभी संदेह से भरा है कि क्या यह सच में चीन का रासायनिक हथियार है या कि सचमुच ही एक वायरस।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि 400 साल पहले ही नास्त्रेदमस ने चीन के बारे में ऐसी ही एक भविष्यवाणी थी, वहीं 2020 को लेकर केवल नास्त्रेदम ने ही भविष्यवाणी नहीं की थी बल्कि इसे लेकर तो बाबा वेन्गा ने भी भविष्यवाणी की थीं।

वेंगा ने भविष्यवाणी की थी कि साल 2020 में कई विनाशकारी घटनाएं दुनिया में घटेगी। जो मानव सभ्यता को बुरी तरह प्रभावित करेगी। समय के साथ मानव सिर्फ अपने बारे में सोचेंगे। कई तरह की आपदाएं आएंगी।

धर्म के आधार पर विभाजन : ये कहा था बाबा वेन्गा ने!
वेंगा ने कहा था कि साल 2020 में धर्म के आधार पर दुनिया को विभाजित करने का प्रयास किया जाएगा। यह एक बड़ा खतरा होगा। भारत के लिहाज से वर्तमान परिस्थिति को देखा जाए तो जिस तरह देश में नागरिकता कानून और एनआरसी को लेकर मुस्लिम समुदाय नाराजगी जाहिर कर रहा है, वह वेंगा की बात सही साबित करता है।

जानिये बाबा वेन्गा के बारे में...
बुल्गारिया में साल 1911 में पैदा हुईं वेंगेलिया पांडेवा को ही बाबा वेंगा कहा जाता है। उन्होंने 12 वर्ष की उम्र में ही एक तूफान के दौरान अपनी दोनों आंखें खो दी थी। इसके बाद उन्हें इस बात का अहसास हुआ कि वह भविष्य की घटनाओं को देख सकती हैं।

रूस और यूरोप में उन्हें एक संत की उपाधि दी गई थी। 1996 में उनकी मौत हो गई थी। मृत्यु से पहले उन्होंने करीब 100 भविष्यवाणियां की थी, जिसमें से ज्यादातर सही साबित हुई। उन्होंने साल 5079 तक की भविष्यवाणी कर दी है।

कोरोना वायरस : ये कहा था नास्त्रेदमस ने!
इन दिनों लोग कोरोना वायरस के संबंध में नास्त्रेदमस के एक कथन का जिक्र कर रहे हैं जिसमें कहा गया था कि एक ऐसे शहर में प्लेग फैलेगा जो समुद्र के किनारे बसा होगा कोरोना वायरस सबसे पहले चीन के वुहान शहर से निकला था, लेकिन वो समुद्री शहर नहीं है।

नास्त्रेदमस ने साल 2020 के बारे में यह भी कहा है कि ये दुनिया के लिए आर्थिक अस्थिरता वाला साल हो सकता है। अब जब इटली पर कोरोना का प्रभाव पड़ना शुरू हुआ, तो लोग इसे नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि हर बड़ी त्रासदी के साथ ही लोग नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियां याद करना शुरू कर देते हैं।

क्या कहा है नास्त्रेदम ने भविष्यवाणी में...
1.तृतीय विश्व युद्ध के संदर्भ में नास्त्रेदमस लिखते हैं, 'अनीश्वरवादी और ईश्वरवादियों के बीच संघर्ष होगा।'- (सेंचुरी 6-62)। चीन का धर्म और वहां की सरकार अनीश्वरवादी ही है।

2. ''धर्म बांटेगा लोगों को। काले और सफेद तथा दोनों के बीच लाल और पीले अपने-अपने अधिकारों के लिए भिड़ेंगे। रक्तपात, बीमारियां, अकाल, सूखा, युद्ध और भूख से मानवता बेहाल होगी।'' (vi-10)


3.'एक पनडुब्बी में तमाम हथियार और दस्तावेज लेकर वह व्यक्ति इटली के तट पहुंचेगा और युद्ध शुरू करेगा। उसका काफिला बहुत दूर से इतालवी तट तक आएगा।' (11-5)- नास्त्रेदमस।

3. 'लाल के खिलाफ एकजुट होंगे लोग, लेकिन साजिश और धोखे को नाकाम कर दिया जाएगा।'
'पूरब का वह नेता अपने देश को छोड़कर आएगा, पार करता हुआ इटली के पहाड़ों को और फ्रांस को देखेगा। वह वायु, जल और बर्फ से ऊपर जाकर सभी पर अपने दंड का प्रहार करेगा।'

4. जब तृतीय युद्ध चल रहा होगा उस दौरान चीन के रासायनिक हमले से एशिया में तबाही और मौत का मंजर होगा, ऐसा जो आज तक कभी नहीं हुआ।- (vi-51).

5. चीन की फौजें जब फ्रांस में घुसेगी तब जम कर आणविक और कींटाणु अस्त्रों का प्रयोग होगा। इसके बाद ये फौजें पूर्वी यूरोप के भीतर तक घुस जाएगी। वहां से दक्षिण स्पेन पर अरब फौजों की मदद से हमला किया जाएगा। (।।-29, ।।-96, v।-80, v।।।।-51, v-55, ।।।-20, ।-73, v।।।-94, v।-88)

6. ईरानवासी एक अरब मुखिया दक्षिण पूर्वी स्पेन पर काबू पा लेगा। शनि और मंगल सिंह राशि में होंगे तब स्पेन हाथ से जाता रहेगा। फ्रांसीसी हार ही जाएंगे। फिर पूर्वी हमलावर यूरोप पर भारी बमबारी करेगा। इटली को ही ये लोग प्रमुख अड्डा बनाएंगे। यूरोप कीटाणु हमले का शिकार होगा। (।।।-64, v-14, ।v-48)...

फिर होगा स्विट्जरलैंड पर हमला। वहां के बैंकों का खजाना लूटा जाएगा। स्विस सेना कुछ न कर पाएगी। (v-85, ।-x-44, ।।-83).

7. यूरोप के बाद अमेरिका को निशाना बनाया जाएगा। एक प्रमुख चीन जनरल का पोता हमले की कमांड संभालेगा। पहला हमला जबरदस्त होगा। अमेरिका में अफरातफरी फैल जाएगी। नये शहर का आसमान आग से भर जाएगा। यह आग तेजी से उपर उठेगी। (।v-99, ।।-95, ।v-97)

8. फिर अमेरिका और रूस मिलकर हमालावर देश पर कीटाणु का हमला करेंगे। बचाव का कोई चारा न देख वे ऐसा करेंगे।- (।-x-99)।

9. 'एक मील व्यास का एक गोलाकार पर्वत अं‍तरिक्ष से गिरेगा और महान देशों को समुद्री पानी में डुबो देगा। यह घटना तब होगी, जब शांति को हटाकर युद्ध, महामारी और बाढ़ का दबदबा होगा। इस उल्का द्वारा कई प्राचीन अस्तित्व वाले महान राष्ट्र डूब जाएंगे।' (I-69)

10. '27 अक्टूबर 2025 को मेष के प्रभाव में तीसरी किस्म की जलवायु आएगी, एशिया का राजा मिस्र का भी सम्राट बनेगा। युद्ध, मौतें, नुकसान और ईसाइयों की शर्म के हालात बनेंगे। -(3/77 सेंचुरी)।... अंतिम अरब टुकड़ी बगावत करके अपने कमांडर से समर्पण करा देगी। तीसरा विश्व युद्ध खत्म हो जाएगा।- (।-70)