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Cat Eye Stone: किन लोगों को धारण करना चाहिए लहसुनिया रत्न, जानिए इसके नियम और फायदे

Cat Eye Stone: लहसुनिया रत्न को ही अंग्रेजी में कैट्स आई स्टोन के नाम जाना जाता है। रत्न शास्त्र में इस रत्न के फायदे और नुकसान के बारे में बताया गया है। ऐसे में चलिए जानते हैं लहसुनिया रत्न किन लोगों को धारण करना चाहिए और इसके फायदे के बारे में।

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भारत

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Religiondesk

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jayanti jha

Jan 05, 2026

Cat Eye Stone

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Cat Eye Stone: ज्योतिषियों द्वारा रत्न पहनने की सलाह तब दी जाती है, जब जातक की कुंडली में कोई ना कोई ग्रह दोष चल रहा है। रत्न शास्त्र में नौ रत्नों का उल्लेख किया गया है। हर एक रत्न का संबंध किसी ना किसी खास ग्रह से होता है। रत्नों को हमेशा ज्योतिष सलाह लेने के बाद ही धारण करना चाहिए , तब ही जाकर इसका फायदा होता है। लहसुनिया रत्न देखने में बहुत चमकीला होता है, जिसके कारण इसे कैट्स आई स्टोन के नाम से भी जाना जाता है। जब किसी जातक की कुंडली में केतु ग्रह की अवस्था ठीक नहीं चल रही हो तब इस रत्न को धारण करने की सलाह दी जाती है। इसको पहनने से केतु ग्रह दोष से छुटकारा पाया जा सकता है। आइए जाने किन लोगों को इस रत्न को पहनना चाहिए।

किन लोगों को पहनना चाहिए लहसुनिया

ज्योतिष सलाह लेने के बाद ये रत्न उन लोगों को धारण करना चाहिए, जिनकी कुंडली में केतु का अशुभ प्रभाव चल रहा हो। ये रत्न केतु के अशुभ प्रभाव को कम करने मदद करता है। इसके साथ ही जिन लोगों को मानसिक उलझन या अचानक नुकसान और काम में रुकावट जैसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, उन लोगों को ये रत्न पहनने की सलाह दी जाती है। मेष, सिंह, धनु और मीन राशि वालों को इस रत्न को पहनने से बचना चाहिए। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं को भी ये रत्न नहीं पहनना चाहिए।

लहसुनिया रत्न धारण करने के फायदे

  • लहसुनिया पहनने से निगेटिव एनर्जी से छुटकारा मिलता है और जीवन में सकारात्मकता आती है।
  • इसके साथ ही इस रत्न को पहनने से आप काम और परिवार के बीच अच्छा संतुलन बना पाते हैं।
  • ये रत्न व्यक्ति के भीतर सेल्फ कॉन्फिडेंस को बहुत अधिक बढ़ाता है।
  • सिरदर्द, पाचन और आंखों से जुड़ी समस्याओं से भी छुटकारा पाने के लिए कुछ लोग इस रत्न को पहनते हैं।
  • एकाग्रता और मानसिक शक्ति बढ़ाने में ये रत्न बहुत ही कारगार सिद्ध होता है।

लहसुनिया रत्न धारण करने के नियम

इस रत्न को हमेशा चांदी या पंचधातु की अंगूठी में ही गढ़वा कर पहनना चाहिए। इस रत्न को धारण करने से पहले इसे गंगाजल और कच्चे दूध से शुद्ध जरूर कर लें। लहसुनिया रत्न को पहनने के लिए शनिवार और मंगलवार का दिन शुभ माना जाता है। इस रत्न को हमेशा प्रात काल में केतु की शुभ दृष्टि के समय में ही विधिपूर्वक धारण करना चाहिए। तब ही इस रत्न का लाभ देखने को मिलता है।