होली 2021: जानें पूजा विधि, टोटके व राशि के अनुसार उपाय

अपनी समस्या के अनुसार इन उपायों का प्रयोग...

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, हर वर्ष फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को होली का त्योहार मनाया जाता है। इससे एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है। जिस दिन रंग खेला जाता है, उसे कहीं कहीं धुलेंडी भी कहा जाता है। इस वर्ष होली का त्योहार (रंग खेलने वाला दिन धुलेंडी) 29 मार्च (सोमवार) को है। इससे एक दिन पहले यानी 28 मार्च (रविवार) को होलिका दहन होगा।


होलिका दहन का दिन : 28 मार्च 2021, रविवार
रंगों की होली खेलने का दिन : 29 मार्च 2021, सोमवार

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 2021 :

होलिका दहन मुहूर्त – 18:36:38 से 20:56:23 तक
अवधि – 02 घंटे 19 मिनट 45 सैकेंड


क्या आप जानते हैं कि धार्मिक या सामाजिक स्तर पर लोगों द्वारा होलिका दहन से जुड़े कई टोटके या उपाय भी अपनाये जाते हैं। मान्यता के अनुसार होलिका दहन के दिन किया गया टोटका सटीक और लाभकारी परिणाम देने की अधिक संभावना रखते हैं। ऐसे में कोई भी आम व्यक्ति अपनी परेशानियों या मुश्किलों के अनुसार इन टोटकों का उपयोग अनुकूल परिणाम प्राप्त करने के लिए कर सकता है।

पंडित सुनील शर्मा के अनुसार यदि आपके जीवन में भी कोई परेशानी या समस्या है तो आप भी अपनी समस्या के अनुसार इन उपायों का प्रयोग कर सकते हैं।

समस्या के मुताबिक उपाय...
: होलिका दहन के बाद जलती अग्नि में नारियल दहन करने से नौकरी की बाधाएं दूर होती हैं।

: घर, दुकान और कार्यस्थल की नजर उतार कर उसे होलिका में दहन करने से लाभ होता है।

: शरीर के उबटन को होलिका में जलाने से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं।

: लगातार बीमारी से परेशान हैं, तो होलिका दहन के बाद बची राख मरीज़ के सोने वाले स्थान पर छिड़कने से लाभ मिलता है।

: सफलता प्राप्ति के लिए होलिका दहन स्थल पर नारियल, पान तथा सुपारी भेंट करें।

: गृह क्लेश से निजात पाने और सुख-शांति के लिए होलिका की अग्नि में जौ-आटा चढ़ाएं।

: भय और कर्ज से निजात पाने के लिए नरसिंह स्रोत का पाठ करना लाभदायक होता है।

: बुरी नजर से बचाव के लिए गाय के गोबर में जौ, अरसी और कुश मिलाकर छोटा उपला बना कर इसे घर के मुख्य दरवाज़े पर लटका दें।

: होलिका दहन के दूसरे दिन राख लेकर उसे लाल रुमाल में बांधकर पैसों के स्थान पर रखने से बेकार खर्च रुक जाते हैं।

: दांपत्य जीवन में शांति के लिए होली की रात उत्तर दिशा में एक पाट पर सफेद कपड़ा बिछा कर उस पर मूंग, चने की दाल, चावल, गेहूं, मसूर, काले उड़द एवं तिल के ढेर पर नव ग्रह यंत्र स्थापित करें। इसके बाद केसर का तिलक कर घी का दीपक जला कर पूजन करें।

: जल्द विवाह के लिए होली के दिन सुबह एक पान के पत्ते पर साबुत सुपारी और हल्दी की गांठ लेकर शिवलिंग पर चढ़ाएं और बिना पलटे घर आ जाएं। अगले दिन भी यही प्रयोग करें।


राशि के अनुसार कुछ खास उपाय : जो हर समस्या से छुटकारा दिलाएं...
हिन्दू पंचांग के अनुसार, होली फाल्गुन माह की पूर्णिमा को मनाई जाती है। होली के त्यौहार को रंगों का त्योहार भी कहा जाता है। हिन्दू धर्म के मुताबिक, 2 दिन मनाए जाने वाले इस पर्व में सबसे पहले दिन होलिका दहन किया जाता है और दूसरे दिन रंग वाली होली खेली जाती है।

माना जाता है कि होलिका दहन के दिन किए गए उपायों की मदद से आप अपने घर की पैसों की तंगी को दूर कर सकते हैं। जानकारों के अनुसार इन उपायों को करने से ना सिर्फ आपको व्यापार में लाभ मिलेगा, बल्कि जीवन में आपकी सफलता के रास्ते भी खुल जाएंगे

वहीं होलिका दहन के अगले दिन रंग वाली होली यानि धुलेंडी मनाई जाती है। इस दिन कई तरह के रंगों से अपने परिवार व मित्रों के साथ रंगों से उल्लास मनाया जाता है। दरअसल रंगों से लोगों को रंगना सांकेतिक तौर पर जीवन में मिलने वाली ख़ुशियों को प्रदर्शित करने का माध्यम है। लेकिन ज्योतिषीय दृष्टिकोण के अनुसार प्रत्येक रंग किसी खास राशि से संबंध रखता है। इसलिए राशियों से हिसाब से रंगों का चुनाव आपके लिए लाभकारी हो सकता है।

इस संबंध में ज्योतिष के जानकार पंडित सुनील शर्मा के अनुसार कुछ ऐसे उपाय भी हैं जिनके संबंध में मान्यता है कि इन्हें राशि अनुसार करने से जहां एक ओर सभी संकट दूर हो जाते हैं, वहीं राशि के अनुसार रंग का उपयोग करने से कइर् तरह के लाभ होते हैं...

1. मेष राशि- इस राशि के जातक जटा वाला नारियल लेकर उसे घर के मन्दिर में स्थापित करें। कुमकुम, साबुत चावल और बताशे रखकर पूजा करें। उस पर लाल कलावा अपनी समस्या बोलते हुए बांध दें, और फिर होलिका दहन के समय उस नारियल को होली की अग्नि में डाल दें। ऐसा करने से आपके स्वास्थ्य की सारी समस्याएं खत्म होंगी।
होली खेलने के समय रंग : मेष राशि वालों के लिए लाल और गुलाबी रंग सर्वोत्तम है।

2. वृषभ राशि- इस राशि के जातक गुलाबी वस्त्र में 11 सुपारी और 5 कौड़ियां बांधें, फिर इस वस्त्र पर चंदन का इत्र लगाएं और अपने ऊपर से 7 बार वार लें। अब इसे होली की अग्नि में डाल दें, इससे रोजगार की सारी मुश्किलें दूर होंगी। वहीं गुलाबी रंग का अबीर अपनी पत्नी को लगाएं, इससे कलह क्लेश खत्म होंगे।
होली खेलने के समय रंग : वृषभ राशि के लोग सफेद और क्रीम रंग से होली खेलें।

3. मिथुन राशि- इस राशि के जातक भगवान गणेश के सामने 27 मखाने रखें। शुद्ध घी का दीपक जलाएं और चन्द्र देव की पूजा करें.।अपनी इच्छा बोलते हुए मखाने दाएं हाथ से होली की अग्नि में डालें, इससे नौकरी की परेशानियां खत्म होंगी, हरे रंग के गुलाल मित्रों को लगाएं दोस्ती में मजबूती आएगी।
होली खेलने के समय रंग: मिथुन राशि के लोगों के लिए हरा और पीला रंग शुभ होता है।

4. कर्क राशि- इस राशि के जातक गेंहू और चावल के आटे का एक चौमुखी दीपक बनाकर इसमें तिल का तेल डालें और घर के मुख्य द्वार पर जलाएं। फिर होलिका की अग्नि में जौ के 27 दाने दाम्पत्य जीवन के सुखी होने की इच्छा से डालें। सफेद अबीर शिवलिंग पर लगाएं मन शांत होगा।
होली खेलने के समय रंग : कर्क राशि के लोगों के लिए सफेद और क्रीम रंग बेहतर होगा।

5. सिंह राशि- इस राशि के जातक साबुत पान का एक पत्ता लें, उस पर 1 सुपारी और घी में डूबे 2 जोड़े लौंग के रखें। साथ ही एक बताशा भी रखें। सारी सामग्री को अपने सिर से 7 बार वारकर होली की अग्नि में डालें। बिगड़े हुए काम बनने लगेंगे, साथ ही मरून गुलाल बड़े बूज़ुर्गों को लगाएं, इससे सभी परेशानी खत्म हो जाएंगी।
होली खेलने के समय रंग : सिंह राशि वालों के लिए पीला और केसरिया रंग काफी अच्छा होता है।

6. कन्या राशि- इस राशि के जातक 11 लौंग के जोड़े और 11 हरी दूर्वा लेने के बाद अपने बच्चों का हाथ लगवाकर घर के मंदिर में रखें। इसके बाद होली की अग्नि में सारी सामग्री डाल दें, इससे आपके बच्चे बुरी नजर से बचे रहेंगे। वहीं हरा गुलाल भाई बहनों को लगाएं, इससे आपसी प्यार बढ़ेगा।
होली खेलने के समय रंग : कन्या राशि के लोगों के लिए हरा रंग श्रेष्ठ माना जाता है।

7. तुला राशि- इस राशि के जातक पीपल के पत्ते पर 1 जायफल, थोड़े साबुत चावल और मिश्री रखें। घर से घुमाते हुए होली की अग्नि में डाल दें। घर के मुख्य द्वार पर रोली से ॐ का चिन्ह बनाएं, इससे पारिवारिक कलह क्लेश खत्म होंगे। वहीं गुलाबी अबीर प्रेमी या प्रेमिका को लगाएं प्यार बढ़ेगा।
होली खेलने के समय रंग : तुला राशि के लोगों के लिए सफेद और पीला रंग शुभ होता है।

8. वृश्चिक राशि- इस राशि के जातक पान के 1 पत्ते पर एक साबुत सुपारी, 5 कमलगट्टे घी में डुबाकर रखें। ॐ हनुमते नमः मंत्र का 27 बार जाप करने के बाद अग्नि में डाल दें, व्यापार और साढ़ेसाती की समस्या खत्म होगी। जबकि लाल गुलाल अपने सहपाठियों को लगाएं, ऐसा करने से रिश्ता मजबूत होगा।
होली खेलने के समय रंग : वृश्चिक राशि के लोगों के लिए लाल और गुलाबी रंग श्रेष्ठ है।

9. धनु राशि - इस राशि के जातक एक नारियल काटकर उसमें एक मुट्ठी सात अनाज भरकर घर के मंदिर में रखें। फिर होलिका दहन के समय उस गोले को माथे से स्पर्श कराकर होली की अग्नि में डाल दें, नवग्रहों की पीड़ा खत्म होगी। वहीं पीला अबीर अपने गुरु को लगाएं आशीर्वाद मिलेगा।
होली खेलने के समय रंग : धनु राशि के लोगों के लिए लाल व पीला रंग सर्वोत्तम है।

10. मकर राशि- इस राशि के जातक एक पीपल के पत्ते पर आधा मुट्ठी काले तिल रखें। अपनी इच्छा बोलकर पत्ते को घर की पश्चिम दिशा में रखें। शाम के समय अपने ऊपर से सात बार वारकर होली की अग्नि में डाल दें, नजरदोष और कलह क्लेश से छुटकारा मिलेगा। जबकि जामुनी गुलाल अपने व्यापारी मित्रों को लगाएं, इससे व्यापारिक रिश्ते मजबूत होंगे।
होली खेलने के समय रंग : मकर राशि के लोगों के लिए नीला और हरा रंग शुभ माना गया है।

11. कुंभ राशि- इस राशि के जातक पान के पत्ते पर उतने काली उड़द के दाने रखें, जितनी आपकी उम्र है। मन की इच्छा बोलें और होली की अग्नि में डाल दें, इस प्रयोग से जमीन जायदाद के झगड़े खत्म होंगे। वहीं नीला गुलाल पीपल पर और परिवार के लोगों को लगाएं, ऐसा करने से मानसिक परेशानियां खत्म होंगी।
होली खेलने के समय रंग : कुंभ राशि के लोगों के लिए नीला रंग शुभ होता है।

12. मीन राशि- इस राशि के जातक एक बड़े पान का पत्ते लेकर इस पर एक मुट्ठी हवन सामग्री, एक हल्दी की गांठ, साबुत सुपारी और कपूर रखें। होलिका की 7 परिक्रमा करके इसे अग्नि में डाल दें, शारीरिक कष्ट कम होंगे और मन प्रसन्न रहेगा। जबकि पीला या केसरी अबीर अपने गुरु बंधुओं को लगाने से जिंदगी की मुश्किलें खत्म होंगी।
होली खेलने के समय रंग : मीन राशि वालों को हर संभव पीले और लाल रंग से ही होली खेलना चाहिए।

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दीपेश तिवारी
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