
ग्रहों में लगातार हो रहे बदलाव के बीच जल्द ही पूरी पृथ्वी पर जल का सैलाब आ सकता है देश-विदेश के विभिन्न ज्योतिष के जानकारों के अनुसार ग्रहों की स्थिति पृथ्वी पर जल के सैलाब की ओर इशारा (Indian jyotish) कर रही है। दरअसल पिछले दिनों लगे ग्रहण और ग्रहों की बदली चाल के चलते ज्योतिष के जानकारों का मानना है कि जल्द ही साल 2023 में जल के सैलाब के चलते दुनिया एक बार फिर थर्रा सकती है, इसका कारण यह है कि ग्रह अति बारिश (Indian jyotish) के अलावा समुद्रों में उठने वाली ऊंची लहरों कर ओर इशारा करते दिख रहे हैं।
जानकारों का मानना है कि अब तक जहां 2022 के अंतिम दो ग्रहण को केवल मंगल से ही जोड़ कर देखने के चलते ये भूमि विवाद और युद्ध जैसी स्थितियों की ओर संकेत (Indian jyotish) दे रहे थे, वहीं अब इन ग्रहण का गहराई से अध्ययन करने के बाद ये बात सामने आई है कि सूर्य ग्रहण तो काफी हद तक सामान्य रहा लेकिन, चंद्रग्रहण की स्थिति ही सबसे खराब (Indian jyotish) बनी और चंद्र की ये स्थिति मुख्य रूप से पानी को प्रभावित कर रही है, यह स्थिति अप्रैल 2023 से सितंबर 2023 के मध्य बन सकती है।
ऐसे में जब ज्योतिष के कई जानकारों ने इस संबंध में (jyotish prediction) इसकी ज्योतिष व्याख्या (Indian jyotish) की तो ये चीज सामने आई (jyotish prediction) की आने वाला समय पानी के कारण त्रास्दी देता दिख रहा है, वहीं इसी के चलते 2023 में आकाल जैसी स्थिति का भी निर्माण (jyotish prediction) हो सकता है।
ज्योतिष के जानकार पंडित एसके उपाध्याय, पंडित सुनील शर्मा, पंडित एके शुक्ला, पंडित डीके शास्त्री, ज्योतिष के जानकार बीडी श्रीवास्तव सहित अनेक जानकारों का मानना (Indian jyotish) है कि अब तक जहां ग्रहों का संबंध मंगल के कारण केवल भूमि कब्जा जैसी चीजों से जोड़कर देशों के मध्य विवाद का कारण (jyotish prediction) माना जा रहा था। वहीं अब इसके अलावा भी कुछ नई चीजें निकलकर (jyotish prediction) सामने आ रहीं हैं।
जिनमें चंद्र की पूरी स्थिति देखने के पश्चात यह स्थिति जल के अत्याधिक मारक (Indian jyotish) होने की ओर इशारा कर रही है। ज्योतिष के जानकारों का मानना है कि आने वाले साल में समुद्र में बहुत विशेष हलचल (Indian jyotish) होगी , जिसके चलते उंची उंची लहरें (Indian jyotish) उठेंगी। इसके अलावा अतिवृष्टि भी धरती को बहुत बुरी तरह से प्रभावित (Indian jyotish) करेगी, जिसके कारण फसलों के नष्ट होने (jyotish prediction) के कारण पूरी दुनिया पर एक बार फिर अकाल की स्थिति निर्मित (jyotish prediction) हो सकती है।
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