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Magh Vinayak Chaturthi 2026 Date: माघ के महीने में कब रखा जाएगा विनायक चतुर्थी का व्रत? यहां जानिए डेट, शुभ मुहूर्त और महत्व

Magh Vinayak Chaturthi 2026 Date: विनायक चतुर्थी का व्रत भगवान विघ्नहर्ता को समर्पित होता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है। आइए यहां जानते हैं विनायक चतुर्थी का व्रत कब रखा जाएगा। यहां नोट करें तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व।

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Magh Vinayak Chaturthi 2026 Date

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Magh Vinayak Chaturthi 2026 Date: हिंदू धर्म में चतु्र्थी की तिथि भगवान गणेश को समर्पित मानी जाती है। हर मास में दो चतु्र्थी तिथि पड़ती है। हर महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणपति की पूजा विधिवत की जाती है और व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से साधक को सुख, समृद्धि की प्राप्ति होती है और उसके काम में आने वाले विघ्नों का नाश होता है। इस समय माघ का महीना चल रहा है, ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल माघ मास की विनायक चतुर्थी का व्रत कब रखा जाएगा।

माघ की विनायक चतुर्थी कब है 2026


माघ मास की विनायक चतुर्थी का व्रत माघ महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन रखा जाता है। इस साल इस तिथि की शुरुआत 22 जनवरी को देर रात 2 बजकर 44 मिनट पर हो जाएगी। वहीं इसका समापन 23 जनवरी को सुबह 8 बजकर 23 मिनट पर होगा। ऐसे में माघ मास की विनायक चतुर्थी का व्रत 22 जनवरी 2026 को रखा जाएगा।

विनायक चतुर्थी पूजा शुभ मुहूर्त 2026


माघ महीने की विनायक चतुर्थी का व्रत 22 जनवरी को रखा जाएगा। इस दिन मध्याह्न गणेश पूजा मुहूर्त सुबह 11 बजकर 29 मिनट से लेकर 1 बजकर 37 मिनट तक रहने वाला है। इस दिन वर्जित चंद्रदर्शन का समय सुबह 9 बजकर 22 मिनट से लेकर रात के 9 बजकर 19 मिनट तक रहेगा।

विनायक चतुर्थी पूजा विधि

  • विनायक चतुर्थी के दिन स्नान के बाद भगवान गणेश का ध्यान करें।
  • उसके बाद साफ चौकी पर भगवान गणेश की प्रतिमा को स्थापित करें।
  • फिर भगवान गजानन को जल, अक्षत, चंदन, फूल, धूप, दीप और दूर्वा अर्पित करें।
  • इस दिन पूजा के समय भगवान गणेश के मंत्रों का और 108 नाम का जाप करें।
  • अंत में गणेश जी की आरती करें और उनको भोग लगाएं।
  • विनायक चतुर्थी के दिन पूरे दिन उपवास रखें और शाम के समय भोग ग्रहण करने के बाद व्रत का पारण करें।

विनायक चतुर्थी का महत्व


हर महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि विनायक चतुर्थी होती है। इस दिन प्रथम पूज्य भगवान गणेश जी की पूजा की जाती है। चतुर्थी तिथि के दिन गणपति की पूजा करने से साधक के जीवन से सारी बाधाएं दूर हो जाती हैं और गणेश जी की कृपा से सारे काम बनते हैं। ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से इस व्रत का पालन करता है, उसको धन और सौभाग्य के साथ- साथ बुद्धि और विकास की भी प्राप्ति होती है। इस व्रत को करने से आत्मबल में भी वृद्धि होती है।