11 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति के दिन करें इन मंत्रों का जाप, बरसेगी सूर्य देव की कृपा

Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति के दिन खासतौर पर सूर्य देव की पूजा की जाती है। इस दिन पूजा के समय और सूर्य देवता को जल अर्पित करने समय कुछ खास मंत्रों का जाप करना चाहिए। ऐसे में आइए जानते हैं मकर संक्रांति के दिन किन मंत्रों का जाप करना चाहिए।

2 min read
Google source verification
Makar Sankranti 2026

istock

Makar Sankranti 2026: हिंदू धर्म में मकर संक्रांति के पर्व को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। ये पर्व का केवल धार्मिक नहीं, बल्कि वैज्ञानिक महत्व भी है। मकर संक्रांति का त्योहार देश के अलग- अलग हिस्सों में अलग- अलग तरीके से मनाया जाता है। इस शुभ तिथि पर सूर्य धनु राशि से निकलकर कर मकर राशि में गोचर करते हैं। मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान और दान का बहुत ही महत्व है। इस दिन भगवान सूर्य देव की पूजा की जाती है। मकर संक्रांति के दिन विशेषरूप से खिचड़ी और चूड़ा दही का सेवन किया जाता है। इसके साथ ही इस दिन तिल का दान करना और तिल का सेवन करना भी बहुत शुभ माना गया है। इस साल मकर संक्रांति का त्योहार 14 जनवरी को मनाया जा रहा है। इस दिन मंत्रों का जाप करना और सूर्य देवता को जल अर्पित करना उत्तम फलदायी माना जाता है। आइए जानते हैं मकर संक्रांति के दिन किन मंत्रों का जाप करना चाहिए।

मकर संक्रांति के दिन करें इन मंत्रों का जाप

  • ग्रहाणामादिरादित्यो लोक लक्षण कारक:।विषम स्थान संभूतां पीड़ां दहतु मे रवि।।
  • ऊँ आदित्याय विदमहे दिवाकराय धीमहि तन्न: सूर्य: प्रचोदयात ।।
  • ग्रहाणामादिरादित्यो लोक लक्षण कारक:।विषम स्थान संभूतां पीड़ां दहतु मे रवि।।
  • जपाकुसुम संकाशं काश्यपेयं महाद्युतिम ।तमोsरिं सर्वपापघ्नं प्रणतोsस्मि दिवाकरम ।।
  • ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः"
  • ओम घृणि सूर्याय नम
  • नमः सूर्याय शान्ताय सर्वरोग निवारिणे। आयु ररोग्य मैस्वैर्यं देहि देवः जगत्पते॥

मकर संक्रांति 2026 शुभ मुहूर्त

मकर संक्रांति का पर्व इस सा 14 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन शुभ मुहूर्त दोपहर के 3 बजकर 13 मिनट से लेकर शाम 05 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में आप दान- पुण्य कर सकते हैं। इसके साथ ही इसी दिन षटतिला एकादशी भी पड़ रही है, इसलिए इस शुभ तिथि पर सूर्य देव के साथ- साथ भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ होगा।