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Manik Gemstone : इन राशि वालों को पहनना चाहिए माणिक्य? जानें धारण करने की सही विधि

Kin Rashi Valo ko Pahnana Chahiye Manik : कमजोर सूर्य से परेशान हैं? जानिए माणिक्य रत्न पहनने का सही तरीका, शुभ समय, मंत्र और सावधानियां, जिससे मिलेगा करियर, सम्मान और आत्मविश्वास में लाभ।
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भारत

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Manoj Vashisth

•

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Astrologer Sharad Sharma

•

Updated: 17 Feb 2026, 5:43 PM IST

Manik Gemstone

Manik Gemstone : किस राशि को माणिक्य पहनना चाहिए (फोटो सोर्स: AI image@chatgpt)

Manik Gemstone : ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को 'ग्रहों का राजा' माना गया है। जैसे सौरमंडल में सब कुछ सूर्य के इर्द-गिर्द घूमता है, वैसे ही हमारी कुंडली में सूर्य हमारी सफलता, सेहत और मान-सम्मान का केंद्र होता है। अगर आपका आत्मविश्वास डगमगा रहा है या मेहनत के बाद भी प्रमोशन कोसों दूर है, तो समझ लीजिए कि आपकी कुंडली में सूर्य देव थोड़े कमजोर पड़ रहे हैं।

ऐसे में रत्न विज्ञान (Gemology) आपकी मदद कर सकता है। आइए जानते हैं एस्ट्रोलॉजर शरद शर्मा से सूर्य को प्रसन्न करने और जीवन में ऊर्जा भरने के लिए कौन सा रत्न पहनना चाहिए और उसके नियम क्या हैं।

माणिक्य (Ruby): सूर्य की शक्ति का प्रतीक

सूर्य का मुख्य रत्न माणिक्य है। यह गहरे लाल या गुलाबी रंग का होता है। श्रीलंकाई माणिक्य में हल्का पीलापन भी देखने को मिलता है। इसे पहनने से न केवल आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व में एक नई चमक आ जाती है।

किसे पहनना चाहिए माणिक्य? | Manik Gemstone kin rashi valo ko pahnana chahiye

मेष, सिंह और धनु लग्न: इन राशि वालों के लिए माणिक्य पहनना बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है।

कर्क, वृश्चिक और मीन: इन जातकों के लिए यह रत्न मध्यम फल देता है।

कुंडली की स्थिति: यदि सूर्य आपकी कुंडली के तीसरे भाव में हो या सूर्य ही आपका लग्न स्वामी हो, तो आप इसे धारण कर सकते हैं।

धारण करने की सही विधि: चूक न करें!

रत्न तभी असर दिखाता है जब उसे सही समय और सही तरीके से पहना जाए। गलत तरीके से पहना गया रत्न लाभ की जगह नुकसान भी दे सकता है।

सही दिन और समय: माणिक्य पहनने के लिए रविवार का दिन सबसे उत्तम है। इसे सूर्योदय से सुबह 9:00 बजे के बीच पहनना चाहिए।

धातु: इसे सोने या तांबे की अंगूठी में जड़वाकर पहनें।

वजन: कम से कम 5 कैरेट का माणिक्य होना चाहिए।

नक्षत्र का संयोग: यदि रविवार के दिन पुष्य, कृत्तिका, उत्तराषाढ़ा या उत्तराभाद्रपद नक्षत्र हो, तो इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।

कौन सी उंगली: इसे हाथ की अनामिका (Ring Finger) में पहनना चाहिए।

मंत्र और शुद्धि

अंगूठी पहनने से पहले उसे गंगाजल और कच्चे दूध से शुद्ध करें। इसके बाद सूर्य देव के मंत्र "ॐ घृणिः सूर्याय नमः" का कम से कम 108 बार जाप करें। इससे रत्न सक्रिय (Activate) हो जाता है।

कुछ खास बातें जो आपको जाननी चाहिए

सिर्फ रत्न पहनना ही काफी नहीं है, सूर्य को मजबूत करने के अन्य तरीके भी प्रभावी होते हैं:

आदित्य हृदय स्तोत्र: यदि आप रत्न नहीं पहन सकते, तो रोज सुबह 'आदित्य हृदय स्तोत्र' का पाठ करें। यह करियर की बाधाओं को दूर करने का सबसे शक्तिशाली उपाय है।

पिता का सम्मान: ज्योतिष में सूर्य 'पिता' का कारक है। अपने पिता की सेवा और सम्मान करने से सूर्य स्वतः ही शुभ फल देने लगता है।

सावधानी: कभी भी माणिक्य के साथ नीलम (शनि का रत्न) या गोमेद (राहु का रत्न) न पहनें। ग्रहों की यह शत्रुता आपके जीवन में उथल-पुथल मचा सकती है।

प्रो टिप: कोई भी रत्न धारण करने से पहले अपनी कुंडली किसी अनुभवी ज्योतिषी को जरूर दिखाएं, क्योंकि ग्रहों की डिग्री और स्थिति हर व्यक्ति के लिए अलग होती है।