
mars transit in its debilitated sign cancer, Impac on india and world: आज उग्र मंगल कर्क राशि में प्रवेश कर रहे हैं। वे दोपहर 1 बजकर 44 मिनट पर मिथुन राशि छोड़कर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। कर्क राशि मंगल की नीच राशि मानी जाती है। वहीं शनि अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में गोचर कर रहे हैं। 30 साल बाद जहां शनि कुंभ राशि में हैं। वहीं मंगल का कर्क राशि में गोचर करने और शनि पर दृष्टि डालने से षडाष्टक योग का निर्माण हो रहा है। यह षडाष्टक योग ज्योतिष शास्त्र में एक भयंकर अशुभ योग माना गया है। जिसके परिणाम देश-दुनिया पर अशुभ रूप में ही नजर आएंगे। पत्रिका.कॉम के इस लेख में भोपाल के ज्योतिषाचार्य पं. अरविंद तिवारी आपको बता रहे हैं कैसा रहने वाला है मंगल का कर्क राशि में प्रवेश का समय...
मंगल का कर्क राशि में प्रवेश क्या पड़ेगा देश और दुनिया पर प्रभाव
मंगल ग्रह आज अपने नीच तत्व की राशि यानी कर्क में प्रवेश कर रहे हैं। इनका देश और दुनिया पर क्या प्रभाव पड़ेगा? ज्योतिषाचार्य पं. अरविंद तिवारी का कहना है कि पिछले कई दिनों से मंगल मिथुन राशि में गोचर कर रहे थे। आज से उन्होंने अपनी मित्र राशि यानी कर्क राशि में प्रवेश कर लिया है। कर्क राशि में मंगल ग्रह को नीचत्तव की राशि में प्रवेश करना माना जाता है। मंगल जब भी कर्क राशि में गोचर करते हैं तब, अपना शुभ प्रभाव खो देते हैं क्योंकि मंगल को दो विशिष्ट दृष्टियां प्राप्त हैं। इसका अर्थ यह है कि जहां पर वह बैठते हैं, वहां से अपने चौथे भाव और अष्टम भाव को पूर्ण दृष्टि से देखते हैं। वर्तमान में शनि कुंभ राशि में गोचर कर रहे हैं। मंगल इस प्रकार से अपनी आठवीं दृष्टि से शनि को देखेंगे मंगल और शनि की यही षडाष्टक स्थिति षडाष्टक योग है। इसके प्रभाव से भारतवर्ष और दुनिया के लिए थोड़ा सा ठीक समय नहीं रहेगा। मंगल जैसे ही कर्क राशि की और आगे बढ़े पड़ोसी देश पाकिस्तान में संकट गहराने लगा।
दरअसल पाकिस्तान मेष लग्न और मिथुन राशि का देश है। चौथे भाव में मंगल का गोचर देश में सुख में और कमी करेगा। जिसके चलते पाकिस्तान में गृह युद्ध होने के आसार हैं। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान जो कि कर्क लग्न और कुंभ राशि के हैं लग्न में नीच के मंगल का प्रवेश सम सप्तम भाव में शनि को देख रहा है जिसके चलते आने वाले दिन इमरान खान के लिए बहुत ही मुश्किलों से भरे साबित होंगे। वहीं भारत के पड़ोसी देश खासतौर से बांग्लादेश नेपाल श्रीलंका आदि को भी मंगल के इस गोचर के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। यूरोप को वृषभ राशि से प्रभावित माना जाता है। मंगल का कर्क राशि में प्रवेश यूरोप की कुछ परेशानी को दूर जरूर करेगा, लेकिन वहीं रूस और यूक्रेन के युद्ध में और तेजी आएगी। इस दौरान हो सकता है कि कहीं ना कहीं घातक हथियारों का प्रयोग और बढ़ जाए।
मंगल और शनि के षडाष्टक योग की, इसके चलते 10 मई से 28 जुलाई के बीच में भारतवर्ष के उत्तरी क्षेत्र से सटे हुए राज्य उत्तराखंड हिमाचल कश्मीर इत्यादि राज्यों में भारी भूस्खलन, हिमपात और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ सकता है। भूकंप न केवल भारत में बल्कि अफगानिस्तान, तुर्की, ईरान पाकिस्तान और चीन जैसे देशों में भी दिखाई देंगे।
10 प्वॉइंट्स में समझें मंगल और शनि के षडाष्टक योग का देश दुनिया पर असर
1. आज उग्र मंगल दोपहर 1 बजकर 44 मिनट पर मिथुन राशि छोड़कर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे।
2. कर्क राशि में मंगल ग्रह को नीचत्तव की राशि में प्रवेश करना माना जाता है। मंगल जब भी कर्क राशि में गोचर करते हैं तब, अपना शुभ प्रभाव खो देते हैं क्योंकि मंगल को दो विशिष्ट दृष्टियां प्राप्त हैं।
3. इसका अर्थ यह है कि जहां पर वह बैठते हैं, वहां से अपने चौथे भाव और अष्टम भाव को पूर्ण दृष्टि से देखते हैं। वर्तमान में शनि कुंभ राशि में गोचर कर रहे हैं। मंगल इस प्रकार से अपनी आठवीं दृष्टि से शनि को देखेंगे मंगल और शनि की यही षडाष्टक स्थिति षडाष्टक योग है। इसके प्रभाव से भारतवर्ष और दुनिया के लिए थोड़ा सा ठीक समय नहीं रहेगा।
4. मंगल जैसे ही कर्क राशि की और आगे बढ़े पड़ोसी देश पाकिस्तान में संकट गहराने लगा। दरअसल पाकिस्तान मेष लग्न और मिथुन राशि का देश है। चौथे भाव में मंगल का गोचर देश में सुख में और कमी करेगा। गृह युद्ध होने के आसार हैं।
5. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान जो कि कर्क लग्न और कुंभ राशि के हैं, लग्न में नीच के मंगल का प्रवेश सम सप्तम भाव में शनि को देख रहा है जिसके चलते आने वाले दिन इमरान खान के लिए बहुत ही मुश्किलों से भरे साबित होंगे।
6. भारत के पड़ोसी देश खासतौर से बांग्लादेश नेपाल श्रीलंका आदि को भी मंगल के इस गोचर के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। यूरोप को वृषभ राशि से प्रभावित माना जाता है।
7. मंगल का कर्क राशि में प्रवेश यूरोप की कुछ परेशानी को दूर जरूर करेगा, लेकिन वहीं रूस और यूक्रेन के युद्ध में और तेजी आएगी।
8. इस दौरान हो सकता है कि कहीं ना कहीं घातक हथियारों का प्रयोग और बढ़ जाए।
9. मंगल और शनि के षडाष्टक योग की, इसके चलते 10 मई से 28 जुलाई के बीच में भारतवर्ष के उत्तरी क्षेत्र से सटे हुए राज्य उत्तराखंड हिमाचल कश्मीर इत्यादि राज्यों में भारी भूस्खलन, हिमपात और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ सकता है।
10. भूकंप न केवल भारत में बल्कि अफगानिस्तान, तुर्की, ईरान पाकिस्तान और चीन जैसे देशों में भी दिखाई देंगे।
Updated on:
10 May 2023 11:35 am
Published on:
10 May 2023 11:20 am
बड़ी खबरें
View Allधर्म/ज्योतिष
ट्रेंडिंग
