Vyakti Ka Swabhav Jyotish: आप जितने लोगों से मिलते होंगे, उनके सोचने और रहने का तरीका अलग-अलग होगा, कई बार समझना मुश्किल हो जाता होगा कि ऐसी स्थिति में कैसा व्यवहार करें (Personality Traits), इस व्यक्ति के स्वभाव का पता कैसे लगाएं। ऐसी मुश्किलों का जवाब है ज्योतिष शास्त्र, व्यक्ति इन 36 गुणों से जान सकते हैं व्यक्ति कैसा होगा।
Personality Traits Hindi: भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर व्यक्ति में ऊर्जा के प्रवाह की अलग-अलग स्थिति होती है। इसी अनुरूप उसके अंगों की बनावट हो जाती है और इसीसे व्यक्ति का स्वभाव व चरित्र बनता है। इसके लक्षण का अंदाजा सामुद्रिक शास्त्र की गणनाओं और मानव अंगों के आकार, रंग, निशान के जरिये किया जा सकता है। ज्योतिषी प्रेम कुमार शर्मा यानी स्वामी प्रेमानंद अलख से आइये जानते हैं उन 36 विशेषताओं के बारे में जिससे व्यक्ति के स्वभाव का पता लगता है।
सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की हस्तलिखित लिपि यानी लिखावट लकीरों जैसी हो तो वह व्यक्ति बगैरे सोचे काम करने वाला होता है। वहीं जिस व्यक्ति की लिखावट सीधी और साफ हो वह व्यक्ति सुलझे विचारों वाला होता है। यदि हस्तलिपि छोटी हो यानी उसे छोटे अक्षरों में लिखना पसंद हो तो वह नजाकत पसंद और हुनरमंद होता है।यदि कोई व्यक्ति गोल अक्षरों में लिखता है तो वह व्यक्ति उम्दा फैसला करने वाला और आला दर्जे का विचारक होता है।
सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, यदि किसी पुरुष की गर्दन लंबी हो तो वह बेवकूफ हो सकता है। यदि औरत की गर्दन लंबी है तो वह नेक और सौम्य होगी। मोटी गर्दन वाले व्यक्ति अक्सर दौलतमंद पर स्वार्थी किस्म के होते हैं। टेढ़ी गर्दन वाले व्यक्ति का भाग्य साथ नहीं देता है और वह गरीब रहता है। ऊंची गर्दन के लोग अक्सर चोर, फरेबी और बदमाश होते हैं, जबकि छोटी गर्दन के लोग हाजिरजवाब होते हैं।
सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार किसी व्यक्ति की नाक की नोक मोटी और गांठदार हो तो वह व्यक्ति खुदगर्ज होता है। बड़ी और गांठदार नाक की नोक वाला व्यक्ति सुलहपसंद होता है। वहीं चौड़ी नाक वाला व्यक्ति अक्सर मंदबुद्धि होता है। यदि किसी व्यक्ति के नथुने चौड़े हैं तो वह घोर मतलबी और क्रूर होगा, जबकि तंग नथुने वाला अक्लमंद पर घमंडी होगा और खुद पर शर्मसार भी रहेगा। यदि किसी की नाक लाल है तो वह लालची और बदनीयत होगा।
यदि किसी व्यक्ति का हाथ सख्त है तो वह डोमिनेटिंग पर्सनॉलिटी का मालिक होगा यानी वह हुकूमत करने वाला होगा। यदि किसी व्यक्ति का हाथ नरम है तो वह व्यक्ति आरामतलब होगा। इसके अलावा नरम फैले हाथ सुस्त, आलसी और कम भाग्यवाले की निशानी हैं, जबकि सख्त और मजबूत हाथ धीरज रखने वाले और मेहनती व्यक्ति की निशानी होते हैं।
छोटा हाथ गुलामी यानी किसी भी का विरोध न करने की प्रवृत्ति, लंबा हाथ लियाकत से रहने वाले व्यक्ति का लक्षण बताता है।
इसके अलावा बेडौल लंबा और सख्त हाथ क्रूर, बेरहम और मंदभागी व्यक्ति की निशानी है, जबकि साफ और उम्दा हाथ भलमनसाहत और अक्लमंद व्यक्ति की निशानी होता है।
जिन व्यक्तियों की पांव की अंगुलियों के नाखुन सुर्ख और तांबे के रंग के हों तो वह व्यक्ति आभिजात्य संस्कार वाला होगा। वहीं पीले रंग के हों तो वह व्यक्ति बुद्धिमान होगा, नीली रंगत लिए हो तो व्यक्ति ऊंचे पद पर होगा या उसे कोई उपाधि मिल सकती है, सफेद है तो रक्तहीनता की बीमारी वाला निस्तेज हो सकता है।
तेज और संतुलित कदम की चाल से चलने वाला व्यक्ति बुलंद विचारों वाला बुद्धिमान और विचार करने वाला होता है, जबकि आदतन झुककर चलने वाला व्यक्ति अक्लमंद, परिश्रमी और अनर्गल बातों को न सुनने वाला होता है। बड़ा कदम पर धीमी चाल चलने वाला व्यक्ति लालची और बुरा करने की प्रवृत्ति वाला होता है।
एक जगह चैन से बैठने वाला ईर्ष्यालु, कंजूस और योजनाबद्ध ढंग से हानि पहुंचाने वाला होता है। वहीं जो व्यक्ति सिर या कमर हिलाते हुए चले मां बाप की निंदा करने वाला, अहंकारी और किसी भी व्यक्ति के प्रति वास्तविक सम्मान और प्रेम न रखने वाला होता है।
आंखों का भाव प्रवृत्ति का दर्पण होता है, आंखों को ध्यान से देखने पर कई बार पता चल जाता है व्यक्ति क्या सोच रहा है। समुद्र शास्त्र के अनुसार जो व्यक्ति गाल फुलाकर बात करता है वह अक्सर मतलबी होता है। जबकि जल्दी जल्दी सोचने वाला मतलबी होता है।
नोटः इस आलेख में दी गई जानकारियां पूर्णतया सत्य हैं या सटीक हैं, इसका www.patrika.com दावा नहीं करता है। ये सभी जानकारियां ज्योतिषी प्रेम कुमार शर्मा की सामुद्रिक शास्त्र पर लिखी पुस्तक से ली गईं हैं, इसको लेकर किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले इस क्षेत्र के किसी और भी विशेषज्ञ से सलाह लेना चाहिए।