19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Vastu Tips- पौधे भी बदल सकते हैं आपका भाग्य, जानें दूर्वा से लेकर मनी प्लांट तक की खासियत

- जानें किस तरह की फोटो तक पैदा करतीं हैं नेगेटिविटी ?

4 min read
Google source verification

image

Deepesh Tiwari

Sep 16, 2023

vastu_of_plants.png

,,

वास्तु केवल घरों में रखी टेबल, बिस्तर, शीशा या ऐसी ही चीजों से ही नहीं बल्कि ये पेड़ पौधों से तक जुड़ा हुआ है। इसी कारण तो यह बात भी कही जाती है कि घर के मालिक होम गार्डन बनाते समय या घर में पौधे लगाते समय पौधों के लिए वास्तु सिद्धांतों का पालन करना चाहिए।

ऐसे में एक ओर जहां वास्तु के अनुसार क्रिस्टल लैंप रखने से घर में पॉजिटिविटी बढ़ती है। वहीं इसके लिए इस लैंप को घर के उत्तर-पूर्व कोने में रखना चाहिए और समय-समय पर जलाते रहें।

इसके अलावा वास्तु में घर में कांटों, झाडिय़ों और सूखे पेड़ों की तस्वीरें या पेंटिंग्स न लगाने की बात भी कही जाती है। जानकारों के अनुसार कई लोग तो घर की दीवारों पर पूरे वॉलपेपर ही लगा लेते हैं, ऐसे में इससे नेगेटिविटी पैदा होती है।

कहा जाता है कि ये वॉलपेपर फायर सीन या फिर तूफान वाले भी नहीं लगाने चाहिए। इसके अलावा प्रवेश द्वार पर रोशनी भी पर्याप्त होने के अलावा प्रवेश द्वार सजा-संवरा रहना चाहिए, कारण ये है कि इससे मन में प्रसन्नता बनी रहती है।

वहीं वास्तु में कुछ पौधों को घर के लिए बहुत भाग्यशाली माना जाता है, जिसके तहत...

- तुलसी का पौधा जहां हवा को शुद्ध करता है, वहीं यह सकारात्मक ऊर्जा फैलाने में मदद करता है। वास्तु के अनुसार तुलसी के पौधे को उत्तर, उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में लगाना चाहिए। कभी भी तुलसी को घर की दक्षिण दिशा में न लगाएं।

- इसके अलावा मनी प्लांट की हरी चमकदार पत्तियां धन और भाग्य को आकर्षित करती हैं। वास्तु के अनुसार, मनी प्लांट के भरपूर लाभ के लिए इस पौधे को अपने लिविंग रूम की दक्षिण-पूर्व दिशा में लगाएं।

- वहीं एलोवेरा एक सदाबहार औषधीय पौधा हवा को शुद्ध करता है। यह एक रसीला, हार्ड पौधा है और थोड़े से पानी में भी जीवित रहता है। वास्तु के अनुसार, एलोवेरा को पूर्व या उत्तर दिशा में लगाने से परिवार के सदस्यों का कल्याण होता है।

- इसके अलावा ड्रेकेना को लकी बैम्बू माना जाता है, वास्तु के अनुसार यह शांति, सकारात्मक ऊर्जा, भाग्य और समृद्धि को आकर्षित करने के लिए एक अच्छा पौधा है।

- वास्तु के अनुसार पीस लिली का पौधा प्रेम, शांति और सद्भाव को दर्शाता है। यह पौधा आपके बेडरूम के लिए आदर्श है।

जानकारों के मुताबिक पौधों को वास्तु के अनुसार, वित्तीय ऊर्जा और सौभाग्य को आकर्षित करने के लिए धन क्षेत्रों में स्वस्थ हरे पौधे लगाने चाहिए। इसके अलावा, आप सिंगोनियम और एन्थ्यूरियम भी लगा सकते हैं।

दूर्वा की खासियत: इसके अतिरिक्त जानकारों के अनुसार पूजा में दूर्वा का उपयोग विशेष रूप से करना चाहिए। इसके तहत दूब यानी दूर्वा को नियमित जल दें और बुधवार के दिन गणपति को दूर्वा चढ़ाएं। इसका वैज्ञानिक महत्त्व भी है। दूर्वा घास में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीसेप्टिक गुण मौजूद होते हैं। इससे त्वचा संबंधी कई समस्याओं में राहत मिलती है।

वास्तु के अनुसार चांदी का बेलपत्र खुशहाली को बढ़ावा देता है। चांदी धातु का बेलपत्र नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में मदद करता है। चांदी का सिक्का भी रख सकते हैं।


ज्योतिष से जुड़े आपके सवाल- भाद्रपद मास में क्यों बरतें खान-पान में सावधानी?

कुछ ऐसे सवाल जिनके जवाब अक्सर लोग ज्योतिष में तलाशते हैं। जिन्हें जानने की जिज्ञासा रहती है। ऐसे ही सवालों के जवाब यहां जानिए ज्योतिषाचार्य मुकेश भारद्वाज से...

मंदिर में सिर ढककर क्यों जाना चाहिए?
इसका मुख्य कारण ईश्वर के प्रति सम्मान और श्रद्धा दर्शाना है। जब आप मंदिर में होते हैं, एकाग्र होना चाहते हैं। सिर को ढके रखना एकाग्रता बढ़ाने में सहायक होता है।

पीपल के पेड़ के नीचे तेल का दीपक क्यों जलाया जाता है?
ज्योतिष और वास्तु के अनुसार पीपल के पेड़ को आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत अधिक महत्त्व दिया गया है। माना जाता है पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने से प्रार्थनाएं विशेष रूप से सुनी जाती हैं। यह पेड़ औषधीय गुणों से भरपूर होता है। पीपल की पत्तियों और छाल से घाव, सूजन और दर्द में आराम मिलता है।

भाद्रपद मास में खाने-पीने का विशेष ध्यान क्यों रखा जाता है?
भाद्रपद मास में सेहत का ख्याल रखना चाहिए। इस मास में वात और पित्त की अधिकता रहती है। आयुर्वेद के अनुसार इस समय खान-पान में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। आयुर्वेद के मुताबिक इस महीने में तिल खाने से रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

आने वाले व्रत-त्योहार
: 18 सितंबर को हरतालिका तीज

= हरतालिका तीज 2023 कब है और जानें इसका शुभ मुहूर्त व बहुत कुछ

=Hartalika Teej 2023 पर बन रहे हैं विशेष शुभ योग साथ ही जानें तीज के नियम

= Hartalika Teej 2023- हरतालिका तीज 2023 पूजा के शुभ मुहूर्त व ऐसे करें सौभाग्य में वृद्धि


: 19 सितंबर को गणेश चतुर्थी


Ganesh Chaturthi 2023- कब विराजेंगे गौरी पुत्र भगवान गणेश? जानें 10 दिवसीय गणेश उत्सव की दिनांक व मुहूर्त

= Ganesh Chaturthi 2023 : इस गणेश चतुर्थी बन रहा विशेष योग, इन राशियों का बढ़ेगा धन व मान-सम्मान

20 सितंबर को ऋषि पंचमी
22 सितंबर को ललिता सप्तमी
23 सितंबर को राधा अष्टमी