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Sparrow Feeding Benefits : गौरैया को दाना डालना क्यों है शुभ? जानिए ज्योतिषीय और आध्यात्मिक लाभ

Gauraiya Ko Kya Khilana Chahie : गौरैया को दाना खिलाने से बुध और चंद्र मजबूत होते हैं, मानसिक शांति मिलती है, कर्म दोष कम होता है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। जानिए इसके सभी लाभ।

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भारत

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Manoj Vashisth

Feb 21, 2026

Sparrow Feeding Benefits

Sparrow Feeding Benefits : पक्षियों को दाना खिलाने का वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व (फोटो सोर्स: AI image@Gemini)

Sparrow Feeding Benefits in Hindi : क्या आपने कभी सोचा है कि आपके घर के आंगन या बालकनी में चहकने वाली नन्हीं सी गौरैया आपकी किस्मत बदल सकती है? भारत में पक्षियों को दाना खिलाना एक पुरानी परंपरा है, लेकिन गौरैया (Sparrow) को दाना खिलाने के पीछे छिपे गहरे ज्योतिषीय और आध्यात्मिक रहस्यों को बहुत कम लोग जानते हैं।

ग्रहों की चाल सुधारती है ये नन्हीं चिड़िया | Sparrow Feeding Benefits

वैदिक ज्योतिष में गौरैया का सीधा संबंध बुध (Mercury) और चंद्रमा (Chandra) से माना गया है। अगर आपकी कुंडली में ये ग्रह कमजोर हैं तो गौरैया की सेवा आपको चमत्कारी लाभ दे सकती है:

बुध का संतुलन:

बुध बुद्धि, संवाद और व्यापार का कारक है। अगर आप निर्णय लेने में हिचकिचाते हैं या मानसिक तनाव (Anxiety) महसूस करते हैं, तो गौरैया को दाना खिलाएं। उनकी चंचलता आपके जीवन में बुध की सकारात्मक ऊर्जा को सक्रिय करती है।

चंद्रमा की शांति:

चंद्रमा मन और भावनाओं का स्वामी है। गौरैया को रोज दाना डालने से मानसिक शांति मिलती है, घर के झगड़े कम होते हैं और आपको गहरी व सुकून भरी नींद आती है।

पुराने कर्मों का बोझ होगा कम (Karmic Debt)

हम अक्सर महसूस करते हैं कि कड़ी मेहनत के बावजूद काम अटक रहे हैं। इसे ज्योतिष में कार्मिक ऋण या पुराने कर्मों का बोझ कहा जाता है। गौरैया को दाना खिलाना एक निस्वार्थ सेवा है। जब आप इन बेजुबान पक्षियों का पेट भरते हैं, तो आपके संचित बुरे कर्मों का प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगता है और उन्नति के नए रास्ते खुलते हैं।

पितरों का आशीर्वाद और समृद्धि

लोक मान्यताओं में गौरैया को संदेशवाहक माना गया है। कहा जाता है कि ये नन्हीं चिड़िया हमारे पूर्वजों तक हमारा प्रेम पहुंचाती है।

विशेष लाभ:

सोमवार या अमावस्या के दिन गौरैया को दाना खिलाना पितृ दोष को दूर करने में सहायक होता है। इससे न सिर्फ परिवार में खुशहाली आती है, बल्कि वंश की वृद्धि और तरक्की भी होती है।

क्या करें और कैसे करें?

केवल दाना डालना ही काफी नहीं है, इन बातों का भी ध्यान रखें:

बाजरा और टूटे चावल: गौरैया को छोटे अनाज जैसे बाजरा या टूटे हुए चावल बहुत पसंद होते हैं।

मिट्टी का सकोरा: अनाज के साथ-साथ मिट्टी के बर्तन में साफ पानी जरूर रखें। ज्योतिष के अनुसार मिट्टी के पात्र में पानी पिलाने से मंगल और चंद्रमा दोनों शुभ फल देते हैं।

ऊंचाई पर रखें स्थान: गौरैया को बिल्लियों और अन्य खतरों से डर लगता है, इसलिए दाना-पानी किसी सुरक्षित और थोड़ी ऊंचाई वाली जगह पर रखें।

एक खास बात: आज के दौर में कंक्रीट के जंगलों के कारण गौरैया लुप्त हो रही हैं। उन्हें दाना खिलाकर आप न केवल अपनी किस्मत संवार रहे हैं, बल्कि प्रकृति के इस अनमोल संतुलन को बचाने में भी योगदान दे रहे हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।