
sun related disease (pc: gemini generated)
भारतीय ज्योतिष में सूर्य को स्वास्थ्य, ऊर्जा और जीवन शक्ति का मुख्य ग्रह माना गया है। सूर्य केवल आत्मा और आत्मविश्वास का ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर की कार्यक्षमता का कारक है। कहा जाता है कि यदि कुंडली में सूर्य मजबूत हो तो व्यक्ति सामान्यतः स्वस्थ रहता है, जबकि सूर्य के कमजोर या अशुभ होने पर बार-बार बीमारियां परेशान करती हैं। सूर्य शरीर के हर अंग को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है, इसलिए इसे “ओवरऑल हेल्थ ग्रह” भी कहा जाता है।
सूर्य नेत्र ज्योति का स्वामी ग्रह है। कुंडली में सूर्य कमजोर होने पर आंखों की रोशनी कम होना, नजर कमजोर होना, और उम्र बढ़ने के साथ मोतियाबिंद या ग्लूकोमा जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में रोज सुबह सूर्य भगवान को जल अर्पित करना अत्यंत लाभकारी माना गया है। सूर्य के सामने बैठकर “ॐ आदित्याय नमः” मंत्र का जप करने से नेत्र स्वास्थ्य में सुधार होता है। घर या कमरे में सूर्य का प्रकाश आना भी आंखों के लिए शुभ माना जाता है। ज्योतिषीय सलाह से माणिक्य रत्न धारण करने पर भी लाभ मिल सकता है।
सूर्य का सीधा संबंध हड्डियों और विटामिन-D से माना जाता है। जब सूर्य कमजोर होता है तो हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, पीठ दर्द, रीढ़ की समस्या और बार-बार फ्रैक्चर जैसी परेशानियां सामने आती हैं। उगते सूर्य को नियमित रूप से जल अर्पित करना, सूर्य के 21 नामों का पाठ करना और सूर्य की ओर पीठ करके कुछ देर बैठना लाभकारी होता है। तांबे के पात्र में रखा जल पीने से भी हड्डियों की मजबूती बढ़ती है।
सूर्य हृदय का कारक ग्रह है। यदि कुंडली में सूर्य शनि या राहु से पीड़ित हो, या अशुभ भावों में स्थित हो, तो हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में जल में रोली मिलाकर सूर्य को अर्घ्य देना और आदित्य हृदय स्तोत्र का नियमित पाठ करना लाभ देता है। तांबे का कड़ा या छल्ला धारण करना भी सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है।
सूर्य शरीर की ऊर्जा और इम्यून सिस्टम से जुड़ा है। सूर्य के अत्यधिक कमजोर होने पर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है, जिससे टीबी जैसी बीमारी की आशंका बढ़ जाती है। सूर्य को जल दान करना, लाल फलों जैसे सेब और अनार का सेवन करना और सूर्य की रोशनी में अधिक समय बिताना स्वास्थ्य लाभ देता है।
यदि कुंडली में सूर्य अशुभ हो और उसकी दशा चल रही हो, तो माणिक्य रत्न धारण नहीं करना चाहिए। इससे समस्याएं और बढ़ सकती हैं। इस समय सूर्य की वस्तुओं जैसे गेहूं, आटा, गुड़ और तांबे का दान करना अधिक शुभ माना जाता है। रविवार को गाय को गुड़ और रोटी खिलाना भी लाभकारी उपाय है।
यदि सूर्य कमजोर हो लेकिन अशुभ न हो, जैसे सूर्य नीच का हो या 6, 8, 12 भाव में हो, तब माणिक्य रत्न धारण किया जा सकता है। यह रत्न तांबे या सोने की अंगूठी में, अनामिका उंगली में, रविवार सुबह धारण किया जाता है। इससे रोगों से रिकवरी तेज होती है और स्वास्थ्य में सुधार आता है।
Published on:
14 Jan 2026 08:16 am
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